" सही जीवनशैली अपनाएं, हाई ब्लड प्रेशर को दूर भगाएं "
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर मुख्य संपादक रमेश महेन्द्रू की विशेष रिपोर्ट
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस हर वर्ष 17 मई को मनाया जाता है।इसका उद्देश्य लोगों को उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूक करना और समय रहते जांच व बचाव के लिए प्रेरित करना है।
उच्च रक्तचाप को अक्सर “ साइलेंट किल्लत " कहा जाता है क्योंकि कई बार इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन यह शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता रहता है।
हाई ब्लड प्रेशर - जब शरीर में खून का दबाव सामान्य से ज्यादा हो जाता है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं।
सामान्य रक्तचाप लगभग: - 120/80 mmHg — सामान्य140/90 mmHg या उससे अधिक — उच्च रक्तचाप माना जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर के संभावित लक्षण
कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ मामलों में:-सिर दर्द - चक्कर आना - सांस फूलना - सीने में दर्द - धुंधला दिखाई देना - थकान या बेचैनी
हाई ब्लड प्रेशर से होने वाले खतरे - अगर समय पर नियंत्रण न किया जाए तो:
हार्ट अटैक - स्ट्रोक (लकवा) - किडनी की बीमारी - आंखों की कमजोरी - हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
बचाव व उपाय
1. नियमित ब्लड प्रेशर जांच कराएं - समय-समय पर BP चेक करवाना जरूरी है।
2. नमक कम खाएं - अधिक नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है।
3. संतुलित आहार लें - हरी सब्जियां, फल और पौष्टिक भोजन खाएं।
4. रोज व्यायाम करें - कम से कम 30 मिनट टहलना या योग करें।
5. तनाव कम रखें - ध्यान, योग और पर्याप्त नींद लें।
6. धूम्रपान व शराब से बचें - तंबाकू और शराब BP बढ़ाते हैं।
7. वजन नियंत्रित रखें - मोटापा हाई ब्लड प्रैशर का बड़ा कारण है।
जागरूकता संदेश
“आज ब्लड प्रैशर जांचें — कल स्वस्थ जीवन पाएं।”
“सही जीवनशैली अपनाएं, हाई ब्लड प्रेशर को दूर भगाएं।”