Thursday, 30 July 2026
जालन्धर केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र : पंजाब की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय

जालन्धर केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र : पंजाब की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय

संपादकीय

रमेश महेन्द्रू -संपादक

बिग बॉस इण्डिया टूडे

जालन्धर केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र : पंजाब की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय

दोनो नेता एक ही वार्ड एक ही मुहल्ला सेन्ट्रल टाऊन निवासी

भाजपा के मनोरंजन कालिया और कांग्रेस के रजिन्द्र बेरी

जालन्धर का केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से पंजाब की राजनीति का केन्द्र बिन्दु रहा है। विशेष रूप से सैंट्रल टाऊन क्षेत्र ने अनेक ऐसे राजनीतिक व्यक्तित्व दिए हैं, जिन्होंने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे पंजाब की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। इन्हीं प्रमुख नामों में एक नाम है—मनोरंजन कालिया। इन्होने 1992 में प्रथम बार हुए नगर निगम जालन्धर का चुनाव लड़ा और कांग्रेस के रजिन्द्र बेरी को हराकर कर पार्षद बने। यहीं से शुरू हुआ इनका राजनीतिक सफर।

मनोरंजन कालिया का राजनीतिक जीवन संघर्ष, समर्पण और जनसेवा का परिचायक रहा है। यद्यपि उन्हें राजनीति की विरासत अपने पिता, जनसंघ एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय मनमोहन कालिया से प्राप्त हुई, लेकिन अपनी पहचान उन्होंने स्वयं के कार्यों और जनसंपर्क के बल पर स्थापित की। पेशे से अधिवक्ता रहे मनोरंजन कालिया ने अपने पिता के निधन के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा और जनसेवा को अपना ध्येय बनाया।

वर्ष 1992 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्ह पर अपना पहला चुनाव लड़ा। इसके पश्चात उन्होंने जालन्धर केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र से लगातार सात विधानसभा चुनाव (1992, 1997, 2002, 2007, 2012, 2017 और 2022) लड़े। अपने राजनीतिक सफर में उन्होंने तीन बार विजय प्राप्त की तथा चार बार पराजय का सामना भी किया, लेकिन उनकी सक्रियता और जनसेवा की भावना कभी कम नहीं हुई।

1992 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा-अकाली दल गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं जालन्धर नगर निगम के प्रथम मेयर जय किशन सैनी का मुकाबला किया, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1997 में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए जय किशन सैनी को पराजित किया और पहली बार विधायक बने। अकाली-भाजपा सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।

स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को विशेष रूप से याद किया जाता है। जालन्धर के सिविल अस्पताल के पुनर्निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्ष 2002 में उन्हें कांग्रेस के राज कुमार गुप्ता से पराजय मिली, लेकिन 2007 में उन्होंने कांग्रेस के तेजिन्द्र सिंह बिट्टू को हराकर पुनः विधानसभा में वापसी की। इस दौरान अकाली-भाजपा गठबंधन की सरकार में स्थानीय निकाय मंत्री के रूप में उन्होंने शहरी विकास और प्रशासनिक सुधारों को गति दी।

वर्ष 2012 में उन्होंने कांग्रेस के रजिन्द्र बेरी को हराकर तीसरी बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। हालांकि, इसके बाद के दो चुनावों में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। वर्ष 2017 में कांग्रेस के रजिन्द्र बेरी और 2022 में आम आदमी पार्टी के रमन अरोड़ा ने उन्हें चुनावी मुकाबले में मात दी।

मनोरंजन कालिया केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि संगठन के एक मजबूत स्तंभ भी रहे हैं। वे पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उनके व्यक्तित्व का एक उल्लेखनीय पक्ष यह भी है कि उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का निर्णय लिया और स्वयं को पूर्णतः सार्वजनिक जीवन एवं जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया।

राजनीति में जीत और हार दोनों ही एक जनप्रतिनिधि की यात्रा का हिस्सा होती हैं। मनोरंजन कालिया का राजनीतिक जीवन इस बात का उदाहरण है कि जनसेवा के प्रति समर्पण किसी पद या चुनावी परिणाम का मोहताज नहीं होता। स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद वे आज भी अपने क्षेत्र के लोगों के बीच सक्रिय रहते हैं। क्षेत्र की समस्याओं का समाधान, जनता से निरंतर संवाद और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें जालन्धर की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय बनाती है।

निस्संदेह, जालन्धर केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख मनोरंजन कालिया के बिना अधूरा माना जाएगा।

दूसरा नाम है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रजिन्द्र बेरी का

जालन्धर  केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में पूर्व विधायक राजिन्द्र बेरी का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उनके पिता स्वर्गीय कामरेड बृज लाल बेरी पेशे से नौकरीपेशा कामगार थे और एक प्रमुख ट्रेड यूनियन नेता के रूप में इंटक (इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस) से जुड़े रहे। सामाजिक एवं श्रमिक हितों के लिए उनके संघर्ष ने राजिन्द्र बेरी को राजनीतिक विरासत प्रदान की।

राजिन्द्र बेरी स्वयं पेशे से व्यापारी हैं। उनकी विशेषता यह भी है कि वे वरिष्ठ भाजपा नेता मनोरंजन कालिया दोनों जालन्धर के सैंट्रल टाउन के एक ही वार्ड और एक ही मुहल्ले के निवासी हैं। वर्षों तक दोनों नेताओं के बीच चुनावी मुकाबले जालन्धर की राजनीति का प्रमुख आकर्षण रहे हैं।

वर्ष 1992 में जालन्धर नगर निगम के गठन के बाद राजिन्द्र बेरी ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का पहला चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें भाजपा प्रत्याशी मनोरंजन कालिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद 1997 में उन्होंने पुनः कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी एवं अपने पड़ोसी अरुण बजाज को पराजित कर पहली बार पार्षद निर्वाचित हुए।

वर्ष 2002 में उनका वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने के कारण उनकी धर्मपत्नी ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की।

इसके पश्चात 2007 में राजिन्द्र बेरी ने तीसरी बार कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पार्षद चुनाव जीता और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमरजीत सिंह अमरी को हराया।

वर्ष 2012 में कांग्रेस हाईकमान ने उन पर विश्वास जताते हुए जालन्धर केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी मनोरंजन कालिया से हार का सामना करना पड़ा।

हार के बाद राजिन्द्र बेरी ने आत्ममंथन किया और लगातार जनता के बीच रहकर संगठन तथा अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत किया। इसका परिणाम 2017 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिला, जब कांग्रेस ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया। इस चुनाव में उनका मुकाबला फिर से मनोरंजन कालिया से हुआ और उन्होंने भारी मतों से विजय प्राप्त कर जालन्धर केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व विधायक के रूप में किया।

2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार उन्हें टिकट दिया। हालांकि उस समय पंजाब में आम आदमी पार्टी की लहर अपने चरम पर थी। बेरी का मुकाबला आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी रमन अरोड़ा से हुआ और वे लगभग 247 मतों के बेहद कम अंतर से चुनाव हार गए।

राजिन्द्र बेरी कांग्रेस हाईकमान के विश्वासपात्र नेताओं में गिने जाते हैं। वे लगातार चौथी बार जालन्धर जिला कांग्रेस (शहरी) के अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं।

वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजिन्द्र बेरी लगातार जनता के बीच सक्रिय हैं। वे जनसंपर्क अभियान के माध्यम से अपनी राजनीतिक तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन एवं कार्यकर्ताओं के साथ सक्रिय रूप से जुटे हुए।

Published on: 30 Jul 2026

Author Info

Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
9592029111