Monday, 15 June 2026
पुलिस कमिश्नर दफ्तर को हथियारबंद कमांडो ने घेरा - पुलिस कर्मियों में मचा हड़कंप

पुलिस कमिश्नर दफ्तर को हथियारबंद कमांडो ने घेरा - पुलिस कर्मियों में मचा हड़कंप

पुलिस कमिश्नर दफ्तर को हथियारबंद कमांडो ने घेरा - पुलिस कर्मियों में मचा हड़कंप

मामला कमांडो की मां के ईलाज मे कृष्णा अस्पताल की लापरवाही से जुड़ा है

कानपुर - बिग बॉस इंडिया टूडे न्यूज 

पुलिस कमिश्नर दफ्तर को भारत तिब्बत सीमा पुलिस के 40 -50  हथियारबंद कमांडो ने घेरा लिया, जिस कारण पुलिस कर्मियों में मचा हड़कंप गया। भारत तिब्बत सीमा पुलिस के लाइजनिंग ऑफिसर अर्पित सिंह ने दावा किया कि कृष्णा हॉस्पिटल पर पहले भी इलाज में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने बताया कि आई टी बी पी  की एक महिला कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर की भी इलाज के दौरान कथित लापरवाही से मौत हो चुकी है।

सभी जवान अपने साथी कमांडो विकास सिंह की शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज थे। सभी जवान वर्दी और हथियारों के साथ परिसर में अलग-अलग जगहों पर तैनात हो गए। अचानक बड़ी संख्या में जवानों को देखकर पुलिसकर्मी भी सतर्क हो गए और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा। करीब एक घंटे तक कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर स्थिति बेहद गंभीर रही।

पुलिस कमिश्नर, स्वास्थ्य विभाग और आई टी बी पी के अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत के बाद मामला शांत कराया गया। पूरा विवाद कमांडो विकास सिंह की मां निर्मला देवी के इलाज में कथित लापरवाही से जुड़ा है। विकास सिंह मूल रूप से फतेहपुर जिले के खागा हथगाम क्षेत्र के रहने वाले हैं और वर्तमान में कानपुर के महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात हैं।

विकास के अनुसार उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी को सांस लेने में तकलीफ, कब्ज और कमजोरी की शिकायत थी। पहले उन्हें आई टी बी पी अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन 13 मई 2026 को अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। विकास सिंह अपनी मां को एम्बुलेंस से लेकर निकले, लेकिन रास्ते में भारी जाम के कारण उन्होंने जल्दबाजी में टाटमिल चौराहे स्थित कृष्णा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।

वहां डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर लिया और हाथ में कैनुला लगाया। विकास का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने से उनकी मां के हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। देखते ही देखते हाथ काला पड़ने लगा और सूजन बढ़ती चली गई। हालत बिगड़ने पर 14 मई की शाम उन्हें बिठूर रोड स्थित पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने इलाज की कोशिश की, लेकिन संक्रमण इतना फैल चुका था कि 17 मई को उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। विकास सिंह का कहना है कि यह सब कृष्णा हॉस्पिटल की लापरवाही का परिणाम है।

विकास सिंह ने बताया कि उनकी मां ने जिन हाथों से उन्हें बचपन से पाला-पोसा, वही हाथ उनके सामने काट दिया गया। उन्होंने कहा कि सेना में होने के बावजूद अगर वह अपनी मां को इंसाफ नहीं दिला सकते तो यह बेहद दुखद है। घटना के बाद विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे और अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

पुलिस कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए मुख्य चिकित्स  अधिकारी कार्यालय को भेज दिया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जांच कमेटी गठित की गई, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में न तो स्पष्ट रूप से लापरवाही की पुष्टि हुई और न ही अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। जिस कारणभारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवान नाराज थे।

Published on: 23 May 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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