Monday, 13 July 2026
ओडिश कैडर 2013 के आई पी एस अधिकारी जगमोहन मीणा का इस्तीफा बना चर्चा का विषय

ओडिश कैडर 2013 के आई पी एस अधिकारी जगमोहन मीणा का इस्तीफा बना चर्चा का विषय

ओडिश कैडर 2013 के आई पी एस अधिकारी जगमोहन मीणा का इस्तीफा बना चर्चा का विषय 

ओडिशा:- बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज 

ओडिशा कैडर के 2013 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी जगमोहन मीणा के इस्तीफे का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। जगमोहन मीणा ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जगमोहन मीणा का त्यागपत्र प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है, लेकिन सक्षम प्राधिकारी से औपचारिक स्वीकृति मिलना अभी बाकी है। अखिल भारतीय सेवा नियमों के अनुसार किसी आईपीएस अधिकारी का त्यागपत्र केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से स्वीकार किए जाने के बाद ही प्रभावी होता है। ऐसे में जगमोहन मीणा औपचारिक रूप से इस्तीफा स्वीकार किए जाने तक सेवा में बने रहेंगे।

केंद्र सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2025 तक देशभर में आई ए एस के 1,300, आई पी एस के 505 और आई एफ एस के 1,029 पद खाली थे। ऐसे में एक युवा आईपीएस अधिकारी का सेवा के 13 साल बाद इस्तीफा देना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस्तीफे के बाद जगमोहन मीणा के राजस्थान की राजनीति में सक्रिय होने की बात भी कही जा रही हैं। लेकिन उनके बयान और परिवार की ओर से सामने आई बातों से ऐसा नहीं लग रहा। उनके पिता नंदलाल मीणा ने बेटे के निजी क्षेत्र में नई पारी शुरू करने के संकेत दिए हैं।

रैणी निवासी उमेश गर्ग बताते हैं कि जगमोहन मीणा बहुत ही सज्जन और होनहार हैं। आईपीएस अधिकारी बनकर उन्होंने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। गर्ग के मुताबिक, जगमोहन के पिता नंदलाल मीणा केंद्र सरकार में वरिष्ठ सरकारी पद पर रह चुके हैं। वे पहले से राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में फिलहाल जगमोहन के राजनीति में आने की संभावना नजर नहीं आती।वहीं, रैणी क्षेत्र के एक गांव के निवासी राजेश शर्मा की राय अलग है। उनका कहना है कि राजनीति में ईमानदार और साफ छवि वाले लोगों को आगे आना चाहिए। भविष्य में यदि जगमोहन मीणा राजनीति में आने का फैसला करते हैं तो यह एक अच्छा कदम हो सकता है। जगमोहन मीणा के पिता नंदलाल मीणा ने वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में एसटी के लिए आरक्षित राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ सीट से बतौर आम आदमी पार्टी उम्मीदवार चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें जीत नहीं मिली।

13 साल की नौकरी के बाद ​ही अपने पद से इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बातचीत में जगमोहन मीणा ने इस फैसले को अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया व्यक्तिगत निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि इस मामले में मेरी निजता का सम्मान करें। जगमोहन मीणा ने इस्तीफे के पीछे संभावित बाहरी दबाव को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी तरह का दबाव या बाहरी कारण शामिल नहीं है। यह निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत है। जगमोहन मीणा ने ओडिशा के लोगों का आभार जताया है और पूरे करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।

1989 में जन्मे जगमोहन मीणा ओडिशा कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में भुवनेश्वर में पुलिस उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। मूल रूप से राजस्थान निवासी जगमोहन मीणा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आई आई टी के पूर्व छात्र हैं। 37 वर्षीय जगमोहन मीणा ने आधिकारिक तौर पर दिसंबर, 2013 को कार्यभार संभाला, उन्हें पहली पोस्टिंग कालाहांडी जिले में उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में मिली थी। जगमोहन मीणा 2019 में ओडिशा के माओवादी प्रभावित जिलों में एक मालकानगिरि पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते हुए सफल माओवादी विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर चर्चा में आए।

इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में कार्य किया, जिनमें मल्कानगिरी, अंगुल, गंजम शामिल हैं। बाद में उन्हें कटक में पुलिस उपायुक्त के रूप में तैनात किया गया। मार्च 2025 में मीणा ने भुवनेश्वर के डीसीपी के रूप में कार्यभार संभाला। अपने पूरे करियर के दौरान जगमोहन मीणा ने कानून-व्यवस्था प्रबंधन, आपराधिक जांच और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

अपनी 13 साल की नौकरी में उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए कई पुलिस पदक भी मिले। इनमें पुलिस वीरता पदक (2019) पुलिस आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक (2021) राज्यपाल पदक (2023) शामिल हैं। हालांकि जगमोहन मीणा ने आधिकारिक तौर पर अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा नहीं किया है, लेकिन कहा जा रहा है कि इस्तीफे की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वे निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र में जा सकते हैं।

Published on: 13 Jul 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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