समाज को शर्मसार व सोचने पर मजबूर करने वाली घटना
दुर्घटना में घायल दम्पति तड़पते रहे और लोग आम लूटते रहे
मुजफ्फरपुर - बी बी आई टी डेस्क
आम लूट घटना ने पूरे समाज को शर्मसार व सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक ओर घायल दंपति मदद के लिए तड़पते रहे, वहीं दूसरी ओर लोग सड़क पर बिखरे फलों को समेटने में लगे रहे। यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की परीक्षा भी थी। भविष्य में ऐसी घटनाओं से सीख लेते हुए समाज को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार बनने की आवश्यकता है।
अस्पताल में डॉक्टरों ने अजय पासवान को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी संतरा देवी का इलाज अभी जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
परिवार के लिए यह हादसा बेहद दुखद साबित हुआ है। एक ओर परिवार ने अपना सदस्य खो दिया, वहीं दूसरी ओर हादसे के दौरान लोगों का व्यवहार भी चर्चा का विषय बन गया।
फविशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी दुर्घटना के समय सबसे पहली जिम्मेदारी मानव जीवन को बचाने की होती है। आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति की जान वापस नहीं लाई जा सकती।
मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार मधुबनी जिले के निर्मली थाना क्षेत्र निवासी अजय पासवान अपनी पत्नी संतरा देवी के साथ पश्चिम बंगाल से आम लादकर मुजफ्फरपुर आ रहे थे। जब उनकी पिकअप हनुमान नगर चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर पहुंची तो अचानक वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में अजय पासवान और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद पिकअप में लदे आम सड़क पर बिखर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के तुरंत बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अधिकांश लोग घायलों की मदद करने के बजाय सड़क पर गिरे आमों को उठाने में लग गए।
घायल पति-पत्नी दर्द से कराहते रहे, जबकि आसपास मौजूद कई लोग आम बटोरने में व्यस्त दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का यह व्यवहार मानवता को झकझोर देने वाला था।