राजगढ़ में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
सरपंच से रिश्वत मांगना रोजगार सहायक को पड़ा महंगा 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
राजगढ़ :- बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज
मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है। लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं।
मध्यप्रदेश राजगढ़ में एक ग्राम रोजगार सहायक को सरपंच से रिश्वत मांगना महंगा पड़ गया। सरपंच की शिकायत पर लोकायुक्त भोपाल की टीम ने ग्राम रोजगार सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।
लोकायुक्त के अनुसार ग्राम पंचायत लाख्या के सरपंच बीरम सिंह ने लोकायुक्त भोपाल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में सरपंच बीरम सिंह ने बताया कि पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों के बिलों का भुगतान कराने के एवज में ग्राम रोजगार सहायक दिनेश कुमार रिश्वत की मांग करता है। प्रत्येक भुगतान पर 5 प्रतिशत कमीशन सचिव के द्वारा मांगा जा रहा है।
सरपंच बीरम सिंह ने बताया कि वर्तमान में करीब तीन लाख रुपए के लंबित बिलों का भुगतान होना है और इसके एवज में ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। इतना ही नहीं पहली किस्त के तौर पर दिनेश कुमार 5 हजार रुपये ले चुका है और शेष 10 हजार रुपए देने के लिए दबाव बना रहा है।शिकायत की पुष्टि के लिए सरपंच ने 16 जुलाई को रिश्वत मांगने की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी लोकायुक्त को उपलब्ध कराई।
सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर ट्रैप की योजना बनाई। योजना के तहत सरपंच को रिश्वत के 10 हजार रुपये देने के लिए लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोर ग्राम रोजगार सहायक दिनेश कुमार के पास भेजा। रिश्वतखोर दिनेश कुमार ने राजगढ़ में जनपद पंचायत भवन के सामने पैसे देने के लिए सरपंच बीरम सिंह को बुलाया था। यहां जैसे ही उसने रिश्वत के रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।