सोनम वांगचुक का अनशन या कोई और वजह ?
अचानक दिल्ली पुलिस कमिश्नर की छुट्टी,इंटेलिजेंस ब्यूरो से आए अनुराग कुमार
नई दिल्ली - बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज
इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर रहे अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। आईपीएस सतीश गोलचा की अचानक विदाई के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर रहे अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त कर दिया। उन्होंने सतीश गोलचा की जगह ली है। हालांकि, गोलचा को अचानक पद से हटाने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्ष इस बदलाव को सोनम वांगचुक के आंदोलन से जोड़ रहा है। फिलहाल गृह मंत्रालय ने बदलाव की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है।
आईपीएस अनुराग कुमार 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और पिछले लंबे समय से इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के रूप में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अहम मामलों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले वह दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के डीसीपी भी रह चुके हैं। राजधानी की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का उनका लंबा अनुभव उन्हें इस पद के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकार सूत्रों के मुताबिक जब सतीश गोलचा दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के साथ एक वृक्षारोपण कार्यक्रम में मौजूद थे, उसी दौरान उनके तबादले का आदेश जारी हुआ। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस मुख्यालय को भी इस बदलाव की पहले से जानकारी नहीं थी, जिसके चलते नए पुलिस आयुक्त के कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी करनी पड़ी। अनुराग कुमार को पहले कमिश्नर सचिवालय ले जाया गया और उसके बाद उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त के अचानक बदले जाने के बाद दो प्रमुख कारणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पहला कारण सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर चल रहा आमरण अनशन और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च बताया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि वांगचुक की गिरफ्तारी का रास्ता साफ करने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को बदला गया।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती तबीयत के चलते दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर सफदरजंग अस्पताल भेजा गया था। पुलिस ने किसी भी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप से इन्कार किया है।
सरकार दिल्ली पुलिस के कुछ प्रशासनिक फैसलों से भी संतुष्ट नहीं थी। इनमें जंतर-मंतर के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को संभालने का तरीका भी शामिल बताया जा रहा है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के समर्थन में सोनम वांगचुक ने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की थी।