राजा वड़िंग के खिलाफ एफआईआर के बावजूद 11 महीनों से कार्रवाई नहीं
पंजाब सरकार और कांग्रेस की मिलीभगत का संदेह - विजय सांपला
जालंधर - बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कांग्रेस नेता राजा वड़िंग के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बावजूद करीब 11 महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होना पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्टेट मीडिया हेड विनीत जोशी और अनुसूचित मोर्चा भाजपा पंजाब शीतल अंगूराल की उपस्थिति में सांपला ने कहा कि तरनतारन उपचुनाव के दौरान राजा वड़िंग द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सरदार बूटा सिंह के बारे में कथित तौर पर घिनौनी और नफरत भरी शब्दावली का इस्तेमाल किया गया था। इस मामले में 4 नवंबर 2025 को कपूरथला में एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।
उन्होंने बताया कि 5 मई को एससी आयोग ने राजा वड़िंग की गिरफ्तारी और एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा, जहां पंजाब सरकार ने तीन महीने का समय मांगा था। अब यह समय भी लगभग पूरा होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। सांपला ने कहा कि एससी आयोग ने दोबारा कड़े निर्देश जारी करते हुए गिरफ्तारी करने और चार्जशीट जल्द अदालत में पेश करने को कहा है।
सांपला ने कहा कि इतने लंबे समय तक कार्रवाई न होने से कांग्रेस और पंजाब सरकार के बीच मिलीभगत या समझौते को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा नुकसान अनुसूचित जाति वर्ग को हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने एससी वर्ग के लिए शगुन योजना, छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग परेशान हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति सुविधाओं का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब सरकार को भी विद्यार्थियों को समय पर इन योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित करना चाहिए।
सांपला ने कहा कि सरदार बूटा सिंह ने अपना पूरा जीवन कांग्रेस को समर्पित किया, इसलिए उनके परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि एससी आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए, राजा वड़िंग को गिरफ्तार किया जाए और चार्जशीट जल्द अदालत में पेश की जाए।