किसान मजदूर मोर्चा ने डी.सी. कार्यालय में सौंपा मांगपत्र
किसानों-मजदूरों की मांगें तत्काल स्वीकार करने की मांग
जालंधर - बी बी आई टी न्यूज
किसान मजदूर मोर्चा ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में किसानों, मजदूरों और आम लोगों से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पंजाब के नाम मांगपत्र सौंपा। इस अवसर पर नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए मांगों का तत्काल समाधान करने की मांग की।
मांगपत्र में फसलों के लाभकारी मूल्य तथा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार C2+50% फार्मूले के तहत एम.एस.पी. की कानूनी गारंटी, किसानों की फसलों की खरीद सुनिश्चित करने तथा कृषि को कॉरपोरेट घरानों के हवाले करने वाली नीतियों पर रोक लगाने की मांग की गई।
इसके अलावा किसानों-मजदूरों के सिर चढ़े कर्ज को माफ करने, किसानों और मजदूरों को स्थायी रोजगार तथा मिलने वाली सुविधाएं प्रदान करने, बिजली-पानी और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांगें भी मांगपत्र में रखी गईं।
नेताओं ने कहा कि अमेरिका के साथ की जा रही व्यापारिक डीलों तथा ऐसी नीतियों, जिनका सीधा प्रभाव किसानों और कृषि पर पड़ता है वह किसान संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी फैसले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर सलंदर सिंह जानियां, जिला अध्यक्ष, जिला कोषाध्यक्ष जगदीशपाल सिंह चक बाहमणी, निर्मल सिंह ढंडोवाल, राजिंदर सिंह नंगणिया, शेर सिंह रामे, बलराज सिंह चक बाहमणी और लवप्रीत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान-मजदूर नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
नेताओं ने प्रशासन से कहा कि मांगपत्र में दर्ज मांगों को सरकार तक पहुंचाकर तत्काल और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसानों-मजदूरों की मांगों की अनदेखी की गई तो संगठन की ओर से संघर्ष को और तेज किया जाएगा।