Tuesday, 7 July 2026
पठानकोट में रेलवे फाटक का सिग्नल फेल   डेढ़ घंटे तक बंद रहा फाटक, हजारों वाहन जाम में फंसे

पठानकोट में रेलवे फाटक का सिग्नल फेल  डेढ़ घंटे तक बंद रहा फाटक, हजारों वाहन जाम में फंसे

पठानकोट में रेलवे फाटक का सिग्नल फेल

डेढ़ घंटे तक बंद रहा फाटक, हजारों वाहन जाम में फंसे

पठानकोट - एस एन एन 

शहर का अति महत्वपूर्ण इलाका (रेलवे छोटो लाइन) स्थित डांगू रोड रेलवे फाटक पर अचानक सिग्नल सिस्टम में तकनीकी खराबी आने से फाटक करीब डेढ़ घंटे तक बंद रहा। सिग्नल फेल होने के कारण ट्रेन फाटक से लगभग 100 मीटर पहले ही रोक दी गई और सुरक्षा कारणों से रेलवे फाटक नहीं खोला जा सका। इस घटना से पूरा शहर दो हिस्सों में बंट गया और फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।

जानकारी के अनुसार रात करीब 9 बजे शुरू हुई इस समस्या के चलते सलारिया चौक से लेकर पीर बाबा चौक तक भारी ट्रैफिक जाम लग गया। अनुमान है कि करीब दो हजार से अधिक वाहन, जिनमें बसें, कारें, ऑटो और दोपहिया वाहन शामिल थे, जाम में फंस गए। भीषण गर्मी और उमस के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों तथा अन्य राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार आउटडोर सिग्नल में तकनीकी खराबी आने के कारण इंटरलॉकिंग सिस्टम सक्रिय हो गया, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे फाटक स्वतः लॉक हो गया। सूचना मिलते ही रेलवे के तकनीकी विंग के इंजीनियर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद खराबी को दूर कर फाटक को दोबारा खोल दिया गया।

हालांकि फाटक खुलने के बाद भी दोनों ओर वाहनों की अत्यधिक संख्या होने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य होने में एक घंटे से अधिक समय लग गया। स्थानीय पुलिस और राहगीरों के सहयोग से धीरे-धीरे वाहनों को निकाला गया, जिसके बाद देर रात स्थिति सामान्य हो सकी।

स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों ने रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि डांगू रोड रेलवे फाटक पर तकनीकी खराबी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जून माह में इसी प्रकार की खराबी के कारण घंटों तक यातायात बाधित रहा था। लोगों ने रेलवे प्रशासन से फाटक के सिग्नल सिस्टम की नियमित जांच और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में शहरवासियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

विशेषज्ञों के अनुसार सिग्नल फेल होने की स्थिति में इंटरलॉकिंग सिस्टम के कारण फाटक सुरक्षा की दृष्टि से बंद रहता है। इससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल संचालन भी प्रभावित होता है और ट्रेनों को धीमी गति अथवा विशेष अनुमति के साथ चलाना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में जरा-सी लापरवाही भी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए तकनीकी खराबी का शीघ्र समाधान अत्यंत आवश्यक है।

Published on: 07 Jul 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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