जालंधर-अमृतसर हाईवे दर्दनाक सड़क हादसा, तीन बेटियों ने अपने माता पिता व दादी को खो दिया
परिवार के तीन सदस्यों की मौत व तीन बच्चियां गम्भीर रूप से घायल, अस्पताल में उपचाराधीन
जालंधर र - एस एन एन
जालंधर-अमृतसर हाईवे एक्सीडेंट ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जालंधर-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस दर्दनाक हादसे में लुधियाना के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन मासूम बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार में आ रही एक इनोवा कार ने सामने से स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मार दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लुधियाना के गांव बिलासपुर निवासी सुरिंदर शुक्ला अपने परिवार के साथ स्विफ्ट कार में ब्यास की ओर जा रहे थे। जब उनकी कार जालंधर-अमृतसर हाईवे पर विधिपुर फ्लाईओवर के पास पहुंची, तभी रॉन्ग साइड से तेज गति में आ रही एक इनोवा कार ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्विफ्ट कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिवार के सदस्यों का आरोप है कि हादसे के बाद इनोवा चालक मौके से फरार हो गया। उसने न तो घायलों की मदद की और न ही उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। इस दर्दनाक सड़क हादसे में लुधियाना निवासी सुरिंदर शुक्ला, उनकी पत्नी प्रियंका और उनकी मां यावंती की मौत हो गई।
जालंधर-अमृतसर हाईवे एक्सीडेंट में परिवार की तीन बच्चियां गंभीर रूप से घायल हुई हैं। सभी का अस्पताल में इलाज जारी है।
13 वर्षीय अंशिका, जिसकी दोनों टांगों में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। 8 वर्षीय अर्पिता, जिसे कई गंभीर चोटें आई हैं।1 वर्षीय मानवी, जिसे भी हादसे में चोटें लगी हैं। इस दर्दनाक हादसे में तीनों बच्चियों ने अपने माता-पिता और दादी को हमेशा के लिए खो दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार इनोवा चालक की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
जालंधर-अमृतसर हाईवे एक्सीडेंट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग कितनी घातक साबित हो सकती है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर गलत दिशा में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे निर्दोष लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।