पटेल अस्पताल में बिना अनुमति करवाया जा रहा है बोरवेल
पार्षद शैरी चड्डा व इलाका निवासियो ना जताया विरोध
जालन्धर :- एस एन एक
शहर के सिविल लाइन इलाके में स्थित पटेल अस्पताल में कथित तौर पर बिना नगर निगम की अनुमति के बोरवेल करवाने का आरोप लगाया गया है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों और क्षेत्र के पार्षद ने कड़ा विरोध जताया है। मामला नगर निगम तक पहुंच चुका है और अधिकारियों ने जांच के आदेश भी दे दिए हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय लोगों ने अस्पताल और नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
पार्षद शैरी चड्ढा और इलाके के लोग नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर सुमनदीप कौर से मिले। इस दौरान ज्वाइंट कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की ओर से बोरवेल की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले भी 3-4 बार आवेदन दिए गए थे, लेकिन किसी भी आवेदन को मंजूरी नहीं दी गई। साथ ही नगर निगम को मौके पर चल रहे बोरवेल कार्य की कोई सूचना भी नहीं दी गई थी।
पार्षद शैरी चड्ढा का कहना है कि हाल ही में सिविल लाइन क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए सरकारी ट्यूबवेल लगाया गया था। उनका आरोप है कि उसी सरकारी ट्यूबवेल के बेहद करीब निजी अस्पताल की ओर से नया बोरवेल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि नियमों के अनुसार निर्धारित दूरी के भीतर नया बोरवेल नहीं किया जा सकता। ऐसे में यदि अस्पताल प्रशासन बिना नगर निगम की अनुमति के कार्य कर रहा है तो यह नियमों का उल्लंघन है।
पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन यह दावा कर रहा है कि उन्हें केंद्र सरकार से अनुमति मिली हुई है, लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में ऐसी कोई मंजूरी मौजूद नहीं है। नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर सुमनदीप कौर ने कहा कि नगर निगम की ओर से किसी प्रकार की अनुमति जारी नहीं की गई है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इंस्पेक्टर जसपाल को टीम के साथ मौके पर भेजा गया है ताकि यह जांच की जा सके कि बोरवेल का कार्य चल रहा है या नहीं। यदि कार्य नियमों के विरुद्ध पाया जाता है तो उसे तुरंत रुकवाने की कारवाई की जाएगी।
सिविल लाइन वेलफेयर सोसायटी के सदस्य राजीव सूद ने कहा कि हाल ही में इलाके में सरकारी ट्यूबवेल लगाया गया था ताकि लोगों को पर्याप्त पानी मिल सके। उनका आरोप है कि उसी स्थान के नजदीक निजी अस्पताल द्वारा लगभग 300 फीट तक बोरवेल किया जा चुका है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इससे सरकारी जल स्रोत प्रभावित हो सकता है। इसी कारण बड़ी संख्या में निवासी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
पार्षद शैरी चड्ढा ने कहा कि इस मामले को लेकर लगभग एक महीने पहले भी नगर निगम कमिश्नर को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बोरवेल का कार्य तत्काल बंद नहीं कराया गया तो अगले दिन नगर निगम कार्यालय और पटेल अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमों का समान रूप से पालन होना चाहिए और किसी भी संस्था को विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए।