पाकिस्तान ऐतिहासिक गुरुद्वरा साहिब का एक हिस्सा गिराया
सिख समुदाय में आक्रोश व प्रशासन विरुद्ध धरना-प्रदर्शन
पाकिस्तान (फारूखाबाद) मंडी चूहड़काणा
बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फारूखाबाद (मंडी चूहड़काणा) में स्थित लगभग 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के एक हिस्से को गिराए जाने की घटना ने सिख समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि भूमाफिया ने स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से 26 जून को गुरुद्वारे के एक हिस्से पर बुलडोजर चलाकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
जानकारी मिलते ही स्थानीय सिख संगत मौके पर पहुंची और विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन ने फिलहाल निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लगाते हुए पूरे परिसर को सील कर दिया है। स्थानीय जानकारों और सिख एक्टिविस्ट्स के अनुसार, यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा विभाजन से पहले सिख धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था।
वर्ष 1947 के बंटवारे के बाद यहां नियमित धार्मिक गतिविधियां बंद हो गईं और इमारत वीरान हो गई। इसके बावजूद यह इमारत अपनी ऐतिहासिक पहचान और स्थापत्य स्वरूप के कारण सुरक्षित मानी जाती थी। गुरुद्वारे के मुख्य द्वार पर उसके निर्माण से जुड़ी जानकारी भी अंकित है और इसे पाकिस्तान की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल किया गया था।
बताया जा रहा है कि करीब चार वर्ष पहले तक गुरुद्वारे की मूल संरचना काफी हद तक सुरक्षित थी। उसी दौरान कुछ लोगों ने इसके मुख्य गुंबद को नुकसान पहुंचाकर कब्जा करने की कोशिश की थी। उस समय भी सिख समुदाय ने विरोध दर्ज कराया था और सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो इवैक्युएशन ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड और न ही पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए।