अधर्म का हार और धर्म की हूई जीत
जालन्धर में कन्हैया मितल अब करेंगे बाला जी का गुणगान
श्री कष्ट निवारण बाला जी मन्दिर की ओर से प्रति वर्ष करवाया जाता है आयोजन
आप के विधायक रमन अरोड़ा है कार्यक्रम के मुख्य आयोजक
जालन्धर - एस एन एन
साईंदास स्कूल ग्राऊंड में श्री कष्ट निवारण बाला जी की चौंकी करवाए जाने को विध्न डाल कर राजनिति करना काफी मंहगा पड़ा। बताया जा रहा है कि धार्मिक कार्यक्रम में विघ्न डालकर सियासत चमकाना एक नेता व जालंधर पुलिस को भारी पड़ा और पुलिस प्रशासन ने माहौल तनावपूर्ण होते देख अपना यू टर्न लेकर हिंदू संगठनों के आगे झुककर कार्यकम करने की इजाज़त दे दी।
हालाँकि इससे पहले कभी भी पुलिस को किसी भी धर्म के धार्मिक कार्यक्रम में ऐसे विघ्न डालते नहीं देखा था पर इस बार पुलिस की भूमिका देखकर जालंधर में हिंदू समाज सड़कों पर उतर आया ओर पुलिस प्रशासन को बैकफ़ुट पर आना पड़ा। हालाँकि भाजपा के पूर्व विधायक के.डी भंडारी ने सीधे तौर पर आरोप लगा कहा कि धार्मिक कार्यक्रम को सेंट्रल हलके की आपसी लड़ाई के बीच ख़राब किया गया है जहां दो आप नेताओं के अपने अपने वर्चस्व को लेकर की आपसी लड़ाई थी। इस लड़ाई में हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ व भावनाओ को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है।
एसीपी सेंट्रल ने हिंदुओं के बढ़ते विरोध को देखते हुए कहा कि आप अपना कार्यक्रम करवा सकते है, जिसके बाद धरना प्रदर्शन बंद कर दिया गया। 14 मई को साई दास स्कूल ग्राउंड में श्री कष्ट निवारण बालाजी मंदिर कमेटी की ओर से प्रभु श्री बालाजी की विशाल एवं अलौकिक भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल अपनी प्रस्तुति देने वाले हैं और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
जालन्धर पुलिस प्रशासन ने इस कार्यक्रम पर रोक लगा दी और जालंधर के साईंदास स्कूल में बालाजी की चौकी कार्यक्रम रुकवाने के बाद जालंधर सैंट्रल हलके की राजनीति गरम हो गई है। जालंधर सैंट्रल हलके के विधायक रमन अरोड़ा इसे लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने पंजाब सरकार को एक साल बाद वापस मिली पुलिस सुरक्षा को वापस करने की घोषणा की है।
आपको बता दें कि जालंधर सैंट्रल हलके के आप विधायक रमन अरोड़ा को एक साल बाद सिक्योरिटी गार्ड मुहैया कराए गए थे। इसके बाद रमन अरोड़ा फिर से सक्रिय हो रहे हैं। इसी दौरान जालंधर सैंट्रल हलके के आप प्रभारी नितिन कोहली पहले से ज्यादा सक्रिय हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के शुक्राना कार्यक्रम में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में रमन अरोड़ा कहीं नहीं दिखे थे।
जालन्धर की जनता इसे धर्म की जीत व अधर्म की हार बता रही है।