Thursday, 11 June 2026
जो लोग भारत के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती - योगी आदित्य नाथ

जो लोग भारत के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती - योगी आदित्य नाथ

जो लोग भारत के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती - योगी आदित्य नाथ

लखनऊ  - बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज 

जिनके मन में देश के प्रति आस्था व निष्ठा नहीं है और जो यहां के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती,यह विचार योगी आदित्यनाथ ने नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहे। मुख्यमंत्री कहा कि भगवान राम के आदर्श उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देश को एकजुट करते हैं। 

 उन्होने लव जिहाद, धर्मांतरण की साजिशों और 'लैंड जिहाद' को लेकर चेतावनी दी कि यह देश भगवान श्री राम की धरोहर है और ऐसा हम होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि तोड़ने वाली ताकतें जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर विभाजित करने की चेष्टा करेंगी, लेकिन भारत की संत शक्ति समाज को एकजुट कर देश को आगे ले जाना चाहती हैं। व्यासपीठ द्वारा जिस मर्म को समझाने का प्रयास किया गया, हमें उसे आत्मसात करना होगा। कथा केवल सुनने की नहीं, बल्कि अंगीकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी का हिस्सा है। श्री राम कथा का वाचन तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा किया गया।

उन्होंने कहा कि राजनीति व पूर्वाग्रह से ग्रसित कुछ चुनिंदा नामों को छोड़ दें तो हर भारतवासी, जिसके अंदर भारत का डीएनए है, उसने भगवान राम के आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाया है। 

Published on: 11 Jun 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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