आखिर छात्रों के आगे झुकी केंद्र सरकार,धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को मिला
नई दिल्ली - बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज
देश में नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर करीब 39 दिन चले धरना-प्रदर्शन को लेकर आखिर जीत देश के युवाओं की हूई और केंद्र सरकार में शिक्षामंत्री रहे धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना ही पड़ा। केंद्र की मोदी सरकार ने जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मनोबल तोड़ने की काफी कोशिश की,दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर काफी जुल्म तक ढाए गए। लेकिन देश के युवाओं ने अपनी हार नहीं मानी और देश के शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को अपना पद छोड़ना पड़ा।
केंद्र सरकार ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है। अब वे अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय के कार्यों का भी संचालन करेंगे।
इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं, लेकिन फिलहाल सरकार ने किसी नए मंत्री की स्थायी नियुक्ति नहीं की है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे।
गौरतलब है कि प्रह्लाद जोशी के पास पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कार्यभार है। अब शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके मंत्रालयों की संख्या में भी इजाफा हो गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि शिक्षा मंत्रालय की कमान किसे सौंपी जाएगी। फिलहाल सरकार ने स्थायी नियुक्ति करने के बजाय प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार देकर मंत्रालय के कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने का निर्णय लिया है।