भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव बढ़ता है तो इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब और पंजाबियों को
अमृतसर - एस एन एन
अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरजीत सिंह मान ने अमृतसर के 13 सिंह शहीद गुरुद्वारे में शहीद भाई हरमिंदर सिंह संधू के जीवन और विचारों को समर्पित सेमिनार में शामिल होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के राजनीतिक और पंथिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय परकट की। मान ने कहा कि भाई हरमिंदर सिंह संधू दूरदर्शी और सूझवान नेता थे। जिन्होंने गांव स्तर पर पंचायतों के माध्यम से सिख क्रांति की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि आज भी युवाओं को वैचारिक प्रशिक्षण की जरूरत है।
जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों के मामलों पर मान ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव बढ़ता है तो इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब और पंजाबियों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के हिंदू, सिख और मुस्लिम को एक साथ आकर अमन और पंजाबी पहचान की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। मान ने पंजाबी भाषा के मुद्दे पर भी चिंता जताई और लोगों से अपनी मातृभाषा पंजाबी को प्राथमिकता देने की अपील की।
उनका कहा था कि पंजाबी भाषा से दूर रहने के कारण पंजाब के कई इलाके अलग हो गए हैं। एसजीपीसी चुनावों के मुद्दे पर मान ने कहा कि 14 साल से चुनाव न होने के कारण एसजीपीसी की कार्यकाल समाप्त हो चुका और यह अब “लेम डक पार्लियामेंट” बन गई है। उन्होंने कहा कि सिखों की लोकतांत्रिक प्रतिष्ठा बहाल करने के लिए तुरंत चुनाव होने चाहिए। बेअदबी कानून संबंधी मान ने कहा कि पंजाब सरकार और अकाल तख्त साहिब के बीच बातचीत के जरिए इस मामले का हल निकाला जाना चाहिए।