सांझा एक्शन फ्रंट पंजाब ने पूरे शिक्षा के मौलिक अधिकार को लेकर जिला अधिकारियों को दिये ज्ञापन
जालन्धर - ललित मैहता
सांझा एक्शन फ्रंट पंजाब की टीमों ने शिक्षा के मौलिक अधिकार को लेकर पंजाब के जिला अधिकारियों को ज्ञापन दिये और उन्हें एक सप्ताह में लागू करने का अअल्टीमेटम दिया नहीं तो फिर लगातार सरकार विरुद्ध धरने व प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी।
जालंधर में आजाद क्रांति मंच, पावर ऑफ लॉ एंड नेशन एंपावरमेंट , सर्व अधिकार रक्षा अभियान समिति (सारस एनजीओ) एवं वीर सेवा फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा सांझा एक्शन फ्रंट पंजाब के बैनर तले जिला अधिकारी को शिक्षा के मौलिक अधिकार कानून को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करवाने हेतु एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया।
इस अवसर पर संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि आज पूरे पंजाब में सांझा एक्शन फ्रंट पंजाब के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रत्येक जिले में जिला अधिकारियों को इसी प्रकार के मांग पत्र सौंपे गए हैं। इस राज्यव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को संविधान द्वारा प्रदत्त शिक्षा के मौलिक अधिकार को वास्तविक रूप में लागू करवाना है।
प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर वर्ष अवैध रूप से रीडमिशन,बिल्डिंग फंड सहित कई अन्य प्रकार के फंड बच्चो केअभिभावकों से वसूले जाते है। शिक्षा अधिकार कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों पर गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश न दिया जाना।
इसके अतिरिक्त संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आनन-फानन में 25% कोटे की सीटें भरने हेतु एक ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 25 अप्रैल निर्धारित की गई है, जबकि इसके लिए बहुत ही कम समय दिया गया है। इस प्रक्रिया को लेकर न तो कोई व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया और न ही आम जनता को जागरूक किया गया। संगठनों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया मात्र औपचारिकता (खानापूर्ति) बनकर रह गई है, जिससे वास्तविक लाभ पात्र बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
सांझा एक्शन फ्रंट पंजाब ने इस प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करते हुए सरकार से मांग की है कि पर्याप्त समय, पारदर्शिता और व्यापक जागरूकता अभियान के साथ इस व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों को उनका अधिकार मिल सके। संगठनों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो सांझा एक्शन फ्रंट पंजाब द्वारा राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्राइवेट स्कूलों द्वारा ग़ैर कानूनी तौर से प्राइवेट प्रिंटर्स की बुक्स, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म व अन्य सामान स्कूल में ही देना इस पर प्रतिबंध लगाया जाए।
जिला प्रशासन से मांग की गई कि शिक्षा अधिकार कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इस अवसर पर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी जी की संस्था के पूर्व सदस्य व बाल अधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट दिनेश कुमार, कुणाल कोहली, हरचरण सिंह, राकेश वर्मा, अनिल शर्मा, सूजल शर्मा, शिवा व अन्य शाम उपस्थित हुए।