मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव संसद से खारिज
नई दिल्ली - ब्यूरो
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी विपक्ष के नोटिस को खारिज कर दिया है।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ राज्यसभा के सभापति और लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस सौंपा था, जिसमें उन पर पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण आचरण, चुनावी धोखाधड़ी की जांच में जानबूझकर बाधा डालना और बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करना सहित अन्य आरोप लगाए गए थे।
राधाकृष्णन और बिरला ने अलग-अलग आदेशों में संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाली नोटिस को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया।
राज्यसभा के महासचिव द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है-प्रस्ताव की नोटिस पर उचित विचार करने और इसमें शामिल सभी प्रासंगिक पहलुओं और मुद्दों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करने के बाद राज्यसभा के सभापति ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नोटिस को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है।
लोकसभा महासचिव की एक अलग अधिसूचना में कहा गया है कि लोकसभा के 130 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित 12 मार्च, 2026 की नोटिस स्पीकर को सौंपी गई थी, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई थी।
उल्लेखनीय है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया के समान है, जिसका अर्थ है कि महाभियोग केवल ''दुर्व्यवहार साबित होने या अक्षमता'' के आधार पर ही चलाया जा सकता है।