Thursday, 7 May 2026
जालन्धर में शुक्राना यात्रा को मिला भारी समर्थन, जनता में था काफी उत्साहित

जालन्धर में शुक्राना यात्रा को मिला भारी समर्थन, जनता में था काफी उत्साहित

जालन्धर में शुक्राना यात्रा को मिला भारी समर्थन, जनता में था काफी उत्साहित

जनता का मिला भारी जन समर्थन 

जालन्धर  - रमेश महेन्द्र 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालन्धर में ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान कहा कि  पंजाब में बेअदबी करने वाले अब सजा से नहीं बच सकेंगे। उन्होंने कहा कि नया बेअदबी विरोधी कानून अपराधियों के लिए एफआईआर, उम्रकैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने के बाद जमानत न देने की व्यवस्था करता है। पिछली सरकारों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को आजाद घूमने और पंथ की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इजाजत दी थी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने अब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा और सूबे में भाईचारे की सांझ बनाए रखने के लिए देश का सबसे सख्त कानून बनाया है। भाजपा और अकालियों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सियासी फायदे के लिए सिखों और हिंदुओं को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतें पंजाब की भाईचारे की सांझ और एकता की मजबूत परंपरा के सामने असफल हो जाएंगी।

 जालंधर और अमृतसर में हाल ही में हुए बम धमाकों को भाजपा के पंजाब में राजनीतिक दखल से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा जहां भी जाती है, चुनावों से पहले डर, अशांति और फूट डालती है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि बेअदबी विरोधी कानून के बाद पंजाब सरकार जल्द ही नशों के खिलाफ सख्त कानून लाएगी, जिसके तहत नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और आसान जमानत पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आदमपुर और करतारपुर में सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अकाली खुद बेअदबी में शामिल थे और इसलिए उनके पास कानून का विरोध करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें भी कानून को मजबूत कर सकती थीं लेकिन उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। 

यात्रा के दौरान लोगों द्वारा दिए गए अथाह प्यार और स्नेह के लिए धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली समझते हैं कि परमात्मा ने उन्हें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की जिम्मेदारी बख्शी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां बार-बार दावा करती रही हैं कि यह कानून कभी पास नहीं होगा, राष्ट्रपति के पास फंस जाएगा या राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने देश के सबसे अच्छे कानूनी माहिरों से सलाह-मशवरा किया ताकि यह यकीनी बनाया जा सके कि कानून संवैधानिक तौर पर मजबूत और भविष्य के लिए उचित हो। उन्होंने कहा, “अब अगर कोई श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करता है तो एफआईआर के बाद कोई जमानत नहीं होगी। उसे कम से कम सजा 10 साल की कैद होगी और यह उम्रकैद तक बढ़ सकती है। साथ ही 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है।”

लोगों से भावनात्मक साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में भाईचारे की सांझ कभी नहीं टूट सकती। उन्होंने कहा, “पंजाब की मिट्टी उपजाऊ है और यहां हर बीज उग सकता है, लेकिन इस धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता। भाजपा और अकाली दल वोटों के लिए सिखों और हिंदुओं को बांटने की कोशिश करते हैं, लेकिन पंजाबियों ने हमेशा ऐसी राजनीति को रद्द किया है।”

जालंधर और अमृतसर में धमाकों का हवाला देते हुए कहा कि  ये घटनाएं पंजाब में भाजपा के सियासी दखल के संकेत हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा जहां भी जाती है, वहां अशांति और डर फैलाती है। वे सिखों और हिंदुओं को आपस में लड़ाने की कोशिश करते हैं, लेकिन पंजाबी इस जाल में नहीं फंसेंगे। आतंकवाद के सबसे काले दिनों के दौरान भी पंजाब की भाईचारे की सांझ बरकरार रही और लोगों ने एक साथ त्योहार मनाए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की खुशहाली और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में ‘कटों और कमीशनों’ का युग खत्म हो गया है, जिससे उद्योगपतियों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने टिप्पणी की कि “टाटा स्टील, गोदरेज और कई अन्य कंपनियां पंजाब में प्रोजेक्ट स्थापित कर रही हैं, जबकि पिछली सरकारें ढाबों वालों से भी कमीशन मांगती थीं।”

पंजाब सरकार के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लगभग 90 फीसदी घरों के बिजली बिल जीरो आ रहे हैं, नहरें और पानी की नालियां बहाल कर दी गई हैं और किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली सप्लाई मिल रही है। उन्होंने आगे कहा कि 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के केवल योग्यता के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने कहा, “करदाताओं का पैसा लोगों का है और हम इसे इमानदारी से स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और विकास कार्यों पर खर्च कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाभ उठाने की अपील भी की, जो पंजाब के हर परिवार के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। उन्होंने कहा, “हर परिवार के लिए मानक स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

Published on: 07 May 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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