ईरान युद्ध से पाकिस्तान की हालत खराब
आज रात से लगेगा लॉकडाउन; शहबाज शरीफ ने किया एलान
नई दिल्ली - ब्यूरो
पाकिस्तान सरकार ने फैसला किया कि देश भर के बाजार और शॉपिंग मॉल सिंध को छोड़कर ऊर्जा बचाने के उपायों के तहत रात 8 बजे तक बंद हो जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि यह फैसला इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के दौरान लिया ।
इस बीच, बयान में कहा गया कि बैठक में यह फैसला लिया गया कि KP के बाकी हिस्सों, पंजाब, बलूचिस्तान, इस्लामाबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान और अन्य जगहों पर बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक बंद हो जायेगे।
इसके साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि बेकरी, रेस्टोरेंट, तंदूर और खाने-पीने की चीजें बेचने वाली दुकानें रात 10 बजे तक बंद हो जाएंगी। वहीं, मैरिज हॉल, मार्की और शादी समारोहों के आयोजन के लिए इस्तेमाल होने वाली अन्य कमर्शियल जगहें भी इसी समय तक बंद करने होंगे।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में ईंधन और ऊर्जा-बचत के उपायों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के दौरान खर्च में कटौती के उपायों की भी समीक्षा की गई। यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के साथ शुरू हुआ था। जिसके दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य एक रणनीतिक समुद्री गलियारा जिससे युद्ध से पहले दुनिया का लगभग 25 प्रतिशत तेल गुजरता था। उसमें रुकावट के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं और आपूर्ति में बाधाएं आई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि गिलगित और मुजफ्फराबाद में एक महीने तक शहरों के बीच चलने वाली पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाएं मुफ्त दी जाएंगी। इस दौरान इसका सारा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। PMO के बयान के अनुसार, इस बैठक में उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, आर्थिक मामलों के मंत्री अहद चीमा और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
सिंध के मुख्यमंत्री ने कारोबारी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बीच, सिंध के मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रांत के मुख्य कार्यकारी, मुराद अली शाह ने कारोबारी समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में कराची चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कोरंगी एसोसिएशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री और अन्य व्यवसायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बयान में मुराद के हवाले से कहा गया कि "देश के हालात को देखते हुए हम सभी को अपनी-अपनी भूमिका निभानी होगी" और सिंध सरकार ऊर्जा बचाने के लिए कदम उठाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठा रही है कि गरीबों पर कम से कम बोझ पड़े।