उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027
यूपी में सपा के साथ कांग्रेस का गठबंधन
सीटों के बंटवारे को लेकर तैयार किया जा रहा है फार्मूला
उत्तर प्रदेश/ लखनऊ - बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक के हिस्से में 105 से 115 सीटें आ सकती हैं। कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। अब पार्टी का अगला बड़ा फोकस समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत पर है।
सूत्रों के अनुसार, सपा-कांग्रेस गठबंधन में 2017 का सीट शेयरिंग फॉर्मूला एक बार फिर आधार बन सकता है। इस स्थिति में कांग्रेस के खाते में करीब 105 से 115 सीटें आने की संभावना जताई जा रही है।
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था। उस समय कांग्रेस 114 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरी थी। इनमें 105 सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी थे, जबकि 9 सीटों पर सपा के उम्मीदवार कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़े थे।
कांग्रेस के अंदर इस बार भी कमोबेश इसी मॉडल को दोहराने की चर्चा है। यानी कुछ ऐसी सीटें, जहां स्थानीय समीकरणों में सपा का उम्मीदवार कांग्रेस के उम्मीदवार से ज्यादा मजबूत माना जाएगा, वहां उम्मीदवार सपा का हो सकता है, लेकिन चुनाव कांग्रेस के सिंबल पर लड़ा जा सकता है।
सूत्र बताते है कि कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पार्टी ने अपने स्तर पर सर्वे कर करीब 150 विधानसभा सीटों की पहचान की है, जहां संगठन को लगता है कि वह बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इन सीटों पर पार्टी ने संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी आकलन किया है।
प्रदेश कांग्रेस के नेता लंबे समय से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करते रहे हैं। हालांकि, शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत में 2017 का फॉर्मूला एक महत्वपूर्ण संदर्भ माना जा रहा है।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और नेता विधानमंडल दल की बैठक राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हो चुकी है। इसके बाद प्रदेश के नेताओं की पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के साथ भी मुलाकात हुई।
इस दौरान सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर औपचारिक चर्चा भी हुई। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से प्रदेश के नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि समाजवादी पार्टी के साथ बेहतर तालमेल बनाकर चुनाव मैदान में उतरना है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से भी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का संदेश दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर बड़ा गतिरोध पैदा होने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सपा के कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा कांग्रेस को 40-50 सीटें दिए जाने की चर्चाओं के बावजूद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जमीनी राजनीतिक बदलावों को ध्यान में रखेगा।
कांग्रेस के अंदर यह दावा किया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस तरह से जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है, उससे विभिन्न वर्गों के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है। पार्टी का मानना है कि भाजपा विरोधी और नए राजनीतिक विकल्प की तलाश कर रहे मतदाताओं के बीच भी राहुल गांधी का प्रभाव बढ़ा है।