Tuesday, 9 June 2026
त्रिमूल कांग्रेस टूटने की कगार पर - पार्टी में बग़ावत

त्रिमूल कांग्रेस टूटने की कगार पर - पार्टी में बग़ावत

त्रिमूल कांग्रेस टूटने की कागार पर - पार्टी में बग़ावत

अजमल सिद्दिकी ने दिया इस्तीफा टी एम सी को झटका

टी एम सी की मीटिंग में  78 विधायकों में से 8 और 42 सांसदों में से 6 पहुंचे

पश्चिम बंगाल ( कोलकाता ) - बी बी आई  टी राजनीतिक ब्यूरो 

ममता बनर्जी की टी एम सी टूटने की कागार पर है जबकि बगावत धमने का नाम ही नहीं ले रही। यह वही पार्टी है ममता बनर्जी ने जिस पार्टी का गठन करके अपनी मेहनत के बूते उसे महज़ 13 साल के भीतर शून्य से शिखर तक पहुंचाया था, क्या वह उनके हाथों से निकल जाएगी यह उनके लिए बहुत बड़ा सवाल है।

राजनीतिक सूत्रो की माने तो अब उन पर अपने ही घर (पार्टी) में बेघर होने का ख़तरा मंडरा रहा है। पार्टी के 58 विधायकों की बग़ावत और निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के सदन में विपक्ष का नेता बनने के बाद, पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हलकों में यही सवाल पूछे जा रहे हैं। 

अजमल सिद्दिकी के पार्टी से इस्तीफा दिए जाने के कारण टी एम सी को भारी झटका लगा है जबकि पार्टी की मीटिंग में 78 विधायकों में से सिर्फ 8 विधायक और 42 सांसदों मे से 6 सांसद ही मीटिंग में पहुंचे।

यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि ममता अब आगे क्या करेंगी. क्या वो जादुई पौराणिक पक्षी 'फ़ीनिक्स' की तरह एक बार फिर राख से उठकर खड़ी हो सकती हैं।

अपने चार दशक से भी ज़्यादा लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक विकट हालात का सामना किया है.

मिसाल के तौर पर वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का महज़ एक सीट पर जीतना हो या फिर वर्ष 2006 के विधानसभा चुनाव में महज़ 29 सीटों तक सिमट जाना. लेकिन यह पहली बार है कि पूरी पार्टी उनके हाथों से निकलती नज़र आ रही है.

दो-तिहाई विधायकों की बग़ावत के बाद फ़ौरी क़दम उठाते हुए ममता ने पार्टी की तमाम कमेटियों और संगठनों को भंग कर दिया है और चुनावी नतीजों के गहन विश्लेषण की बात कही है.

महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ वो लगातार बैठकों में व्यस्त हैं. इस बग़ावत के बाद उन्होंने अब तक आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की  उनको पहले से ही पार्टी में इस टूट का आभास मिल गया था.

Published on: 08 Jun 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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