Thursday, 23 July 2026
कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में आए दो परमवीर चक्र विजेता

कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में आए दो परमवीर चक्र विजेता

कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में आए दो परमवीर चक्र विजेता

लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान बातचीत से होता है, बल प्रयोग से नहीं - परमवीर चक्र विजेता कैप्टन बाना सिंह व  सूबेदार मेजर योगेंद्र यादव 

नई दिल्ली/ चण्डीगढ़ :- बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज 

नीट पेपर लीक मामले पर परमवीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन बाना सिंह और योगेंद्र सिंह यादव ने सरकार से छात्रों के साथ संवाद करने की अपील की। दोनों ने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान बातचीत से होता है, बल प्रयोग से नहीं

नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच भारत के तीन जीवित परमवीर चक्र विजेताओं में से दो ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है। दोनों ने सरकार से अपील की है कि विरोध कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करने के बजाय उनसे बातचीत कर उनकी चिंताओं का समाधान निकाला जाए।

ऑनरेरी कैप्टन बाना सिंह और सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद है, टकराव नहीं। उनका मानना है कि कथित नीट पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के विश्वास और मेहनत पर लगा गहरा आघात है। ऐसे में सरकार को युवाओं की भावनाओं को समझते हुए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से इस संकट का समाधान निकालना चाहिए।

सियाचिन के हीरो और 1987 में परमवीर चक्र से सम्मानित ऑनरेरी कैप्टन बाना सिंह ने कहा कि कुछ लड़ाइयां ताकत से नहीं, बल्कि समझदारी और संवाद से जीती जाती हैं। उन्होंने कहा कि ये बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी बात सुनी जानी चाहिए, न कि लाठियों या हिंसा से उनका सामना किया जाना चाहिए।

77 वर्षीय बाना सिंह ने एक कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि अग लगे बारिश नहीं पैंदी ते ना ही पैंदी ए, यानी हर समस्या का समाधान अपने आप नहीं होता। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस मुद्दे को और गंभीर बनने से पहले छात्रों के साथ सम्मानपूर्वक बातचीत की जाए। उन्होंने कहा कि आज जिन हाथों में किताबें हैं, वही कल देश की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसलिए उनकी आवाज का सम्मान होना चाहिए।

कारगिल युद्ध के नायक और सबसे कम उम्र में परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले योगेंद्र सिंह यादव ने भी छात्रों की मानसिक स्थिति को समझने की बात कही। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से वह युवाओं के साथ लगातार काम कर रहे हैं और उनकी परेशानियों को करीब से जानते हैं। योगेंद्र सिंह यादव ने परिवार और शासन व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि अगर किसी घर के बच्चे परेशान हैं तो क्या पिता का कर्तव्य नहीं है कि वह बैठकर उनकी बात सुने?

उन्होंने कहा कि सरकार को भी अभिभावक की भूमिका निभाते हुए छात्रों के साथ संवेदनशील संवाद करना चाहिए।

Published on: 23 Jul 2026

Author Info

Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
9592029111