संपादकीय
रमेश महेन्द्रू
मुख्य संपादक
बिग बॉस इण्डिय टूडे
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, प्रेम, न्याय और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला पावन अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का साथ देने का संदेश देता है।
मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मथुरा की कारागार में हुआ था। उनका जन्म ऐसे समय में हुआ जब अत्याचार और अधर्म का बोलबाला था। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि जब-जब समाज में अधर्म बढ़ता है, तब धर्म की स्थापना के लिए परिवर्तन आवश्यक हो जाता है।
श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व अनेक गुणों का अद्भुत संगम है। वे बाल रूप में नटखट कान्हा, मित्र के रूप में सच्चे साथी, अर्जुन के सारथी के रूप में मार्गदर्शक और महाभारत के प्रसंग में धर्म और नीति के महान उपदेशक के रूप में सामने आते हैं।
उनका सबसे महत्वपूर्ण संदेश भगवद्गीता में मिलता है—मनुष्य को अपने कर्तव्य का पालन करते रहना चाहिए और कर्म के परिणाम की चिंता में अपने धर्म से विचलित नहीं होना चाहिए। आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक जीवन में श्रीकृष्ण का यह संदेश अत्यंत प्रासंगिक है।
जन्माष्टमी हमें यह भी सिखाती है कि प्रेम और करुणा के बिना जीवन अधूरा है। श्रीकृष्ण का राधा, गोपियों, ग्वाल-बालों और अपने मित्रों के साथ संबंध प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का प्रतीक है। वहीं सुदामा के साथ उनकी मित्रता यह संदेश देती है कि सच्ची मित्रता धन-दौलत और पद की मोहताज नहीं होती।
आज जब समाज विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है, युवाओं के सामने नशे, तनाव, बेरोजगारी और गलत संगति जैसी समस्याएं हैं, ऐसे समय में श्रीकृष्ण के जीवन और गीता के संदेश से प्रेरणा लेना आवश्यक है। सत्य का साथ देना, अन्याय का विरोध करना, अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहना और मानवता को सर्वोपरि रखना ही जन्माष्टमी की वास्तविक भावना है।
आइए, इस पावन अवसर पर हम केवल मंदिरों में उत्सव मनाने तक सीमित न रहें, बल्कि श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें। समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और न्याय की भावना को मजबूत करें तथा आने वाली पीढ़ी को हमारी समृद्ध संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ें।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का सच्चा संदेश यही है—
“धर्म के मार्ग पर चलें, सत्य का साथ दें और अपने कर्म को ईमानदारी से निभाएं।”
समस्त देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।