Friday, 4 September 2026
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तरपन सोनी का उत्कृष्ट प्रदर्शन

राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तरपन सोनी का उत्कृष्ट प्रदर्शन

राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तरपन सोनी का उत्कृष्ट प्रदर्शन

 पिता ने भी बढ़ाया परिवार का गौरव

जालंधर - नूपुर महेन्द्रू

तरपन सोनी ने विभिन्न प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने परिवार का नाम रोशन किया है। वहीं, उनके पिता डॉ. अनिल सोनी ने भी यूजीसी-नेट 2026 की प्रबंधन विषय की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार की इस उपलब्धि में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ा है।

तरपन सोनी ने UGC-NET 2026 की लॉ विषय की परीक्षा में 99.82 पर्सेंटाइल हासिल करते हुए जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए अर्हता प्राप्त की। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद अपने प्रथम प्रयास में ही यह सफलता हासिल की। उन्होंने परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 46वीं रैंक प्राप्त की। वर्तमान में तरपन सोनी सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्यरत हैं।

तरपन ने अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने AILET (PG) 2026 में 22वीं रैंक हासिल की, जिसके आधार पर उन्हें प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली में प्रवेश के लिए अर्हता मिली। इसके अतिरिक्त उन्होंने CLAT (PG) 2026 में ऑल इंडिया रैंक 67 तथा सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित Research Associates Examination 2026 में ऑल इंडिया रैंक 32 हासिल की।

तरपन की उपलब्धियों को और भी विशेष बनाते हुए उनके पिता डॉ. अनिल सोनी ने भी इस वर्ष उनके साथ UGC-NET की परीक्षा दी और मैनेजमेंट विषय में 94.51 पर्सेंटाइल हासिल करते हुए परीक्षा उत्तीर्ण की। इस सफलता के साथ वे पीएच.डी. कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्र हो गए हैं। डॉ. अनिल सोनी वर्तमान में DAVIET, जालंधर में एसोसिएट प्रोफेसर एवं बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

डॉ. अनिल सोनी की निरंतर सीखने और आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता भी उल्लेखनीय रही है। उन्होंने 56 वर्ष की आयु में पंजाबी मैट्रिकुलेशन परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए पंजाब में सातवीं रैंक हासिल की थी।

तरपन सोनी ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने 12वीं (ह्यूमैनिटीज) की परीक्षा में 98.2 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉपर होने का गौरव प्राप्त किया था।

पिता-पुत्र की यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रेरित करती है कि उत्कृष्टता हासिल करने के लिए सीखने की कोई उम्र सीमा नहीं होती।

Published on: 03 Sep 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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