जट्ट सिख कांऊसिल ने 5 विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी
सिख कांऊसिल शिक्षा व समाजिक कार्यों के लिए वचनबद्ध- कुलजीत सिंह हेयर
शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं ,बल्कि समाजिक व आर्थिक प्रगति की कुंजी - डा॰ नवजोत
जालंधर - नूपुर महेन्द्रू
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी कॉलेज में जट्ट सिख काउंसिल द्वारा पाँच जरूरतमंद और होनहार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जट्ट सिख काउंसिल के इस प्रयास का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना तथा उनकी पढ़ाई में सहयोग देना है।
इस अवसर पर जट्ट काउंसिल के अध्यक्ष सरदार कुलजीत सिंह हेयर, लायलपुर खालसा कॉलेज के मानद सचिव सरदार जसपाल सिंह वड़ैच तथा काउंसिल के वित्त सचिव सरदार सुखबहार सिंह वड़ैच विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और समाज के लिए अच्छा उदाहरण बनने की प्रेरणा दी।
ओ.एस.डी. डॉ. नवजोत ने कहा कि आज के समय में शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी कुंजी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि कई होनहार विद्यार्थी केवल आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने सपने पूरे नहीं कर पाते और ऐसे में काउंसिल द्वारा किया गया यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
डॉ. नवजोत ने कहा कि यह सहायता विद्यार्थियों के मनोबल को मजबूत करने वाला एक बड़ा कदम है तथा कॉलेज हमेशा विद्यार्थी कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपना भविष्य बनाने की अपील भी की।
इस अवसर पर पाँच विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिनमें प्रभसिमरन कौर, मनबीर कौर, महिकप्रीत कौर, करणदीप सिंह (बी.कॉम) और परजिंदर कौर (एम.ए. पंजाबी) शामिल हैं।
सरदार कुलजीत सिंह हेयर ने अपने संबोधन में कहा कि जट्ट सिख काउंसिल हमेशा शिक्षा और सामाजिक कल्याण के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. नवजोत जैसे समाजसेवी शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे प्रयासों में सहभागिता के उद्देश्य से उनकी संस्था ने यह पहल की है। उन्होंने आगे कहा कि होनहार विद्यार्थियों की सहायता करना समाज के भविष्य में निवेश करने के समान है।
सरदार जसपाल सिंह वड़ैच ने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, जबकि सरदार सुखबहार सिंह वड़ैच ने शिक्षा संस्थानों की भूमिका की सराहना की। अंत में डॉ. नवजोत द्वारा आए हुए अतिथियों और जट्ट सिख काउंसिल के पदाधिकारियों का हृदय से धन्यवाद किया गया।