शुभेंदु पीए हत्याकांड की जांच में नया मोड़
सीबीआइ और एसटीएफ की टीम लगातार कार्रवाई में जुटी
बलिया - बी बी आई टी डेस्क
शुभेंदु पीए हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आने के बाद सीबीआइ और एसटीएफ की टीम लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है। पुलिस टीमों ने बांसडीह रोड क्षेत्र के श्रीपुर गांव में संयुक्त टीम ने दबिश दी। सूत्रों के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि मामले में फरार चल रहे ज्ञानेंद्र सिंह का करीबी टाइगर क्षेत्र में मौजूद है। इसी सूचना के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी की गई। हालांकि उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु, बांसडीह रोड क्षेत्र निवासी जितेंद्र से 50 हजार रुपये में कार खरीदने के मामले में भी चर्चा में आया था। इसके बाद इसके राजकुमार और नवीन सिंह से भी तार जुड़ गए। जांच एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उधर, फेफना क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए नवीन सिंह को न्यायिक प्रक्रिया के बाद मऊ जेल भेज दिया गया है।
अब सीबीआइ के सामने उसे कोलकाता ले जाकर अदालत में पेश करने के लिए ‘वारंट बी’ हासिल करना जरूरी हो गया है। सूत्रों की मानें तो एजेंसी इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हुई है।
बहुचर्चित चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड में प्रयुक्त कार और उससे जुड़े अपराधियों की सुरागरशी में जुटी स्पेशल टास्क फोर्स ने स्थानीय बांसडीह रोड पुलिस के साथ मिलकर क्षेत्र के कई गांवों में भारी दबिश दी है। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी की टीमों ने 2 दिन पहले भी एक साथ क्षेत्र के फुलवरिया, शीतल दवनी और श्रीपुर गांवों में छापेमारी की थी।
सूत्रों के अनुसार, हत्याकांड को अंजाम देने के लिए जिस निसान माइक्रा कार का इस्तेमाल किया गया था, वह फुलवरिया गांव के जितेंद्र सिंह की थी। कड़ाई से की गई पूछताछ में जितेंद्र ने चौंकाने वाला खुलासा किया था। उसने बताया कि यह कार उसने इसी महीने की पहली तारीख को शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु को कथित तौर पर बेच दी थी।