संयुक्त अरब अमीरात - भारत को देगा पैट्रोल व गैस
आबूधाबी - बिग बॉस इंडिया टूडे
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर हैं। उनकी यात्रऊ उर्जा सुरक्षा प्रमुख फोकस क्षेत्रों पर होगी। इस दौरे के दौरान एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के क्षेत्र में 2 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
यूएई हमारी ऊर्जा सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है। पिछले वर्ष यूएई वर्ष कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा स्त्रोत था इसके अलावा यूएई भारत के लिए एलनीजी का तीसरा सबसे बड़ा स्त्रोत है। भारतीय कंपनियों और यूएई की ए डी एन ओ सी गैस ने भारत को 4.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति साल एल एन जी की आपूर्ति के लिए जल्दी आपूर्ति अनुबंध किए हैं। भारत यूएई की एल एन जी का सबसे बड़ा खरीददार बन चुका है। यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्त्रोत है जो हमारी लगभग 40% जरुरत पूरी करता है। यूएई भारतीय रिफाईनरियों के लिए पेट्रोलियम, तेल और पीओएल निर्यात का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। भारतीय कंपनियों ने संयुक्त अरब अमीरात के अपस्ट्रीम सेक्टर 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा निवेश किया है।जनवरी 2026 में BPRL ने अबू धाबी के ऑनशोर ब्लॉक में 1 तेल भंडार की खोज की पुष्टि की। पश्चिम एशिया में भारतीय कंपनियों द्वारा अपस्ट्रीम सेक्टर में यह अपनी तरह का पहला निवेश है। संयुक्त अरब अमीरात रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में भारत के साथ साझेदारी करने वाला पहला देश रहा है। 2018 में आईएसपीआरएल और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके अंतर्गत मंगलौर स्थित ISPRL की सुविधा में 50 लाख बैरल से ज्यादा लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल का भंडार करेगा।