राजस्थान की रेखा यादव बनी उत्तराखंड के चंपावत जिले की पुलिस कप्तान
किसान गरीब परिवार की रेखा का जीवन रहा चुनौतिपूर्ण
उतराखड (चंपावत) - बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज
आईपीएस रेखा यादव चंपावत जिले के कप्तान के तौर पर कमान संभाल रही हैं। चंपावत जिला सीएम पुष्कर सिंह धामी का विधानसभा क्षेत्र है, ऐसे में चंपावत जिले की कानून व्यवस्था रेखा यादव के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं।
साल 2019 बैच की आई पी एस अधिकारी रेखा यादव को उत्तराखंड कैडर मिला। चंपावत की कमान संभालने से पहले वे उत्तराखंड के कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
सहायक पुलिस अधीक्षक देहरादून, हरिद्वार, एसपी क्राइम, ट्रैफिक हरिद्वार के बाद एसपी चमोली और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत व संवेदनशील जिलों में कप्तान के तौर पर कार्य करने के बाद अब वह चंपावत जैसे अहम जिले में पुलिसिंग का नेतृत्व कर रही हैं।
रेखा यादव बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बेहद मेधावी रही हैं। उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा और कॉलेज की पढ़ाई कोटपुतली (जयपुर) से ही संपन्न हुई। 12 वीं की परीक्षा 90.92% अंकों के साथ उत्तीर्ण करने के बाद रेखा ने बीएससी 84.67% अंकों के साथ पास की। उन्होंने समाजशास्त्र और भूगोल विषयों से एम ए किया।
उन्होंने भूगोल विषय में देश की प्रतिष्ठित एन ई टी - जे आर एफ परीक्षा भी उत्तीर्ण की। पाँच भाई-बहनों में सबसे छोटी रेखा यादव ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली प्रशासनिक सेवा परीक्षा को अपना लक्ष्य बनाया। अपने पसंदीदा विषय भूगोल को वैकल्पिक विषय चुनकर उन्होंने तैयारी की।
उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में यू पी एस सी 2018 परीक्षा में सफलता हासिल की और साल 2019 बैच की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी बनीं। रेखा यादव का ताल्लुक एक साधारण और जमीन से जुड़े परिवार से है। उनके पिता शुरुआत में खेती-बाड़ी करते थे, जो प्रधान पंचायत समिति (कोटपुतली) रहे, उनकी माता एक कुशल गृहिणी रही हैं। साधारण परिवार से निकलकर रेखा ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में पहुंचने का मुकाम हासिल किया।
रेखा अपने परिवार में सरकारी नौेकरी में जाने वाली पहली महिला हैं। साथ ही अपने क्षेत्र में आईपीएस अधिकारी बनने वाली भी पहली महिला है। आईपीएस रेखा ने एक बार बताया था कि वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहती थीं लेकिन बाद में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी और उसमें वह सफल हो गईं।
हैदराबाद में ट्रेनिंग के दौरान एक बार उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जिस वजह से उन्हें कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ा था। यहां उनकी मुलाकात साल 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय गणपति से हुई। जिसके बाद दोनों ने साथ रहने का निर्णय लिया और वैवाहिक जीवन में बंध गए।