पर्यावरण संरक्षण में पक्षियों का सबसे बड़ा योगदान - रमेश महेन्द्रू
जालन्धर - नूपुर
पर्यावरण संरक्षण में पक्षियों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है, जो कार्य हम नहीं कर सकते वह कार्य हमारे पक्षी करने में सक्षम है यह विचार अल्फ़ा महेन्द्रू फाउंडेशन के अध्यक्ष रमेश महेन्द्रू ने व्यक्त किये।।उन्होने कहा कि जिस जगह पर इन्सान की मौजूदगी है वहां पर हमने पेड़ो को काट कर अपने घर बना लिए है और जो जगह इन्सानों से दूर है वहां पर आज भी वह एरिया जंगलनुमा है। यह सब हमारे पक्षिथों की ही करामात का नतीजा है। पक्षी जब भी फल या कुछ ओर खाते हैं तो उसका कुछ हिस्सा फेंक देते है तो वहीं उस फल का बीज अंकुरित हो जाता है ओर एक दिन विशाल पेड़ बन जाता है।
पक्षी यदि पेड़ उगाने में हमारे सहायक है वहीं पर्यावरण संरक्षण में भी उनका बहुत बड़ योगदान रहा है।
हमें पक्षियों के प्रति भी अपने कर्तव्य को समझने की जरूरत है। इतनी भयंकर गर्मी में राहत पाने के लिए इन्सान अपने लिए तो बहुत कुछ करता है वहीं हमें पक्षियों के लिए भी कुछ ना कुछ करने की कोशिश करनी चाहिए। हम कम से कम अपने पक्षियों को गर्मियों से बचाने व उनकी प्यास बुझाने के लिए अपनी छत,दीवार या आंगन में एक कसोरा पानी का भर कर रखें ताकि उड़ता हुआ पक्षी अपनी प्यास बुझा सके। इसके इलावा हम उनके लिए अनाज के कुछ दाने भी एक कसोरे में रखे ताकि वह अपनी भूख मिटा सके। हमारी भारतीय संस्कृति सभ्यता भी यही है। इससे हम पुण्य कर्म संचय होगे और हमारी नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिलेगे।