Tuesday, 9 June 2026
पंजाब सरकार के कर्मचारियों का पुरानी पैंशन बहाली को लेकर अनोखा धरना-प्रदर्शन  - " भैंस के आगे बीन बजाना "

पंजाब सरकार के कर्मचारियों का पुरानी पैंशन बहाली को लेकर अनोखा धरना-प्रदर्शन - " भैंस के आगे बीन बजाना "

पंजाब सरकार के कर्मचारियों का पुरानी पैंशन बहाली को लेकर अनोखा धरना-प्रदर्शन - " भैंस के आगे बीन बजाना "

जालंधर - रमेश महेन्द्रू

पंजाब सरकार के एनपीएस कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन न किए जाने के विरोध में अनोखे ढंग से पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सीपीएफ कर्मचारी यूनियन पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति और पुरानी पेंशन प्राप्ति मोर्चा द्वारा संयुक्त रूप से बनाए गए एक मंच पुरानी पेंशन बहाली सांझा मंच के बैनर तले जिला मुख्यालय के सामने कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर भैंस के आगे बीन बजाकर पंजाब सरकार को जगाने की कोशिश की।

उनका कहना था कि पंजाब सरकार की स्थिति उस भैंस जैसी हो गई है जिसके आगे बीन बजाने का कोई असर नहीं होता। ठीक उसी तरह कर्मचारी लगातार रैलियां और प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि उनकी मांगों की ओर ध्यान दिया जाए, लेकिन पंजाब सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। कर्मचारी संगठनों को मीटिंग का समय देकर बाद में बैठक रद्द कर दी जाती है।

 सीपीएफ कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुखजीत सिंह डिंपी और जिला अध्यक्ष कमलजीत सिंह, पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के कन्वीनर वेद राज और कुलदीप वालिया, करनैल फिल्लौर, पुरानी पेंशन प्राप्ति मोर्चा के कन्वीनर सुभाष मट्टू तथा डीसी कार्यालय कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष एवं पीएसएमएसयू के जिला अध्यक्ष तजिंदर सिंह नंगल और संगत राम ने कहा कि पंजाब सरकार ने 18-11-2022 को पुरानी पेंशन बहाल करने का नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया।

 उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों की मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि माननीय हाईकोर्ट द्वारा कर्मचारियों के डीए का बकाया जारी करने के आदेश दिए गए, जो कर्मचारियों का अधिकार है, लेकिन पंजाब सरकार ने डबल बेंच में अपील कर दी कि उन्हें कुछ और समय दिया जाए । क्योंकि राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि पंजाब सरकार की आर्थिक स्थिति खराब है तो विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रुपये के विज्ञापन क्यों दिए जा रहे हैं। महिलाओं को 1000 और 1500 रुपये देने के लिए बड़े-बड़े विज्ञापन लगाए गए, लेकिन अभी तक उनके खातों में पैसा नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि 15-01-2015 और 17-07-2020 के पत्र अभी तक रद्द नहीं किए गए हैं। पंजाब के कर्मचारियों का ग्रामीण भत्ता और एसीपी स्कीम भी अब तक लागू नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।

 प्रदेश अध्यक्ष सुखजीत सिंह डिंपी ने बताया कि 4 जुलाई को मोगा जिले में एक कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के लिए भी कुर्सी लगाई जाएगी ताकि वे आकर कर्मचारियों की मांगों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। इसके बाद 23 अगस्त को मुख्यमंत्री के गांव सतौज में राज्य स्तरीय विशाल रैली आयोजित की जाएगी। जिसमें पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी, किसान विरोधी नीतियों तथा आम लोगों से विज्ञापनों के माध्यम से किए गए वादों की पोल खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब का पूरा कर्मचारी वर्ग आने वाले विधानसभा चुनावों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

 इस अवसर पर रविंदर सिंह जिला अध्यक्ष बीएड अध्यापक फ्रंट, करनैल फिल्लौर जिला अध्यक्ष गवर्नमेंट टीचर यूनियन, संगत राम जिला अध्यक्ष कपूरथला, महेश नारंग बागबानी विभाग सहित विभिन्न संगठनों से अमनदीप सिंह कैरों, प्रेमपाल सिंह, हरप्रीत सिंह, अमरप्रीत सिंह झीता, तजिंदर सिंह, वरिंदर कुमार, कमलजीत राम, रतन सिंह, कुलदीप कौड़ा, रणजीत सिंह, प्रदीप कुमार, बलविंदर कुमार, संदीप कुमार, पंकज टंडन, बलविंदर सिंह कालरा, रूपेश कुमार, कश्मीरी लाल, मुनीश कुमार मक्कड़, रवि कुमार, अमृतपाल सिंह, परमिंदर सिंह, रणजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, जोरावर सिंह, जसवंत राय, हरमनदीप, रणजीत रावत, अशोक भारती, सर्वदा शर्मा, गीता चौधरी, हरजिंदर कौर, राजकुमारी, इंद्रजीत कौर, आशा महाजन, प्रीतपाल कौर, इंद्रजीत कौर आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।

Published on: 29 May 2026

Author Info

Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
9592029111