Tuesday, 9 June 2026
पंजाब के किसान संगठनों ने किया बड़ा ऐलान, संघर्ष की तैयारी

पंजाब के किसान संगठनों ने किया बड़ा ऐलान, संघर्ष की तैयारी

पंजाब के किसान संगठनों ने किया बड़ा ऐलान, संघर्ष की तैयारी

8 जून को किसान उतरेंगे सड़कों पर -  17 जिलों में फूंके जाएंगे सरकारों के पुतले

महंगा डीजल और यूरिया खाद की कमी सबसे बड़ा मुद्दा - सरवन सिंह पंधेर

चण्डीगढ़/ अमृतसर  - बी बी आई टी ब्यूरो 

किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर किसान संगठनों ने 8 जून को केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस दौरान कई राज्यों में पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसान नेताओं का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों और खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सरकारें विफल रही हैं, जिसके चलते किसानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा के वरिष्ठ नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि ग्वालियर में आयोजित संगठन की बैठक में देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में किसान संगठन सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। पंधेर के अनुसार केवल पंजाब में ही करीब 17 जिलों से पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सूचना मिल चुकी है।

किसान नेता ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यूरिया खाद की कमी है। कई क्षेत्रों में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे फसलों की बुवाई और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दुकानदार और कंपनियां किसानों को यूरिया के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर कर रही हैं।

इसके अलावा कई इलाकों में यूरिया की ब्लैक मार्केटिंग होने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। पंधेर ने कहा कि खाद संकट केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर की समस्या बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण खाद की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं किए जा रहे हैं, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। किसान संगठनों ने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है।

Published on: 07 Jun 2026

Author Info

Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
9592029111