उप मुख्यमंत्र पद ठुकराया
हर कामयाबीषके पीछे मेहनत जरूरी - निशांत कुमार
बिहार (पटना) बी बी आई टी ब्यूरो
निशांत कुमार के पहले ही राजनीतिक फैसले में नीतीश कुमार की झलक मिल गयी. उन्होंने उस उपमुख्यमंत्री पद को लेने इंकार कर दिया। जिसके लिए बाकी लोग लालायित रहते है। उन्होंने इस बड़े प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया और यह साफ कर दिया कि पहले अनुभव प्राप्त करेंगे फिर कोई जिम्मेदारी लेंगे
नीतीश कुमार गांधी जी को अपना आदर्श मानते हैं। गांधी जी ने नैतिक जीवन के लिए सात पापों से बच कर रहने की सलाह दी। इनमें दो सबसे प्रमुख हैं, सिद्धांत के बिना राजनीति और मेहनत के बिना धन. यानी राजनीति में अगर बिना किसी मेहनत के फल मिलता है तो वह अनैतिक है। नीतीश कुमार ने इन सिद्धांतों का हमेशा पालन किया. मेहनत की. निराशा मिली. फिर भी संघर्ष से मुंह नहीं मोड़ा. आज उनकी उपलब्धियां राजनीति में एक मिसाल है.
नीतीश कुमार अक्सर कहते रहे हैं कि राजनीति मेवा खाने के लिए नहीं बल्कि सेवा करने के लिए है. अगर निशांत कुमार अभी उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार कर लेते तो जनता में यह संदेश जाता कि वे पद के लालची हैं. बिना किसी योगदान के सीधे डिप्टी सीएम बन गये. हालांकि पूर्व में तेजस्वी यादव इसके उदाहरण हैं. लेकिन निशांत कुमार कुछ अलग और हटकर करना चाहते हैं.