भारतीय किसान यूनियन ने किया केंद्र व पंजाब सरकार विरुद्ध धरना-प्रदर्शन व पुतले फूंके
केंद्र व पंजाब सरकार की नीतियां किसान व मजदूर विरोधी
जालन्धर - रमेश महेन्द्रू
भारतीय किसान यूनियन दोआबा ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बढ़ती महंगाई, रसोई गैस की लगातार बढ़ रही कीमतों, किसानों के लिए खाद वितरण संबंधी नई नीतियों और बिजली कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने जालंधर स्थित डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार के पुतले फूंके।
किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
किसान प्रदर्शन जालंरकार ने किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को पूरे पंजाब में और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
संगठन के नेताओं ने बताया कि सूबा प्रधान मनजीत सिंह राय के निर्देशों पर पूरे पंजाब के जिला कलेक्टर (डीसी) कार्यालयों के बाहर ‘अर्थी फूंक मुजाहिरा’ आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान किसानों और मजदूरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
किसान नेताओं का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में राज्यभर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
किसान प्रदर्शन जालंधर ने एक बार फिर महंगाई, खाद नीति और कर्मचारियों के अधिकारों जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। सरकार के खिलाफ पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो संघर्ष और तेज होगा।