अमेरिका जाने वालों के लिए बड़ी खबर, वीज़ा नियम बदले
नई दिल्ली - बी बी आई टी डेस्क
अमेरिका जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है खबर है कि अमेरिका में H-1B वीजा धारकों के लिए नियम और सख्त हो सकते हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिका के टेक्सास से रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय ने अमेरिकी संसद में एक नया विधेयक पेश किया है, जिसमें H-1B वीजा को ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने की व्यवस्था समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
अमेरिकन व्हाइट-कॉलर वर्कर जॉब्स एक्ट’ नामक इस विधेयक में विदेशी छात्रों के लिए संचालित वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी खत्म करने की मांग की गई है। वर्तमान में यह कार्यक्रम छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ समय तक अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है।
चिप रॉय का कहना है कि H-1B वीजा कार्यक्रम का वर्षों से दुरुपयोग हुआ है और इसके जरिए अमेरिकी क्षेत्र के कर्मचारियों की जगह कम लागत वाले विदेशी श्रमिकों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि अब ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जो योग्यता और वास्तविक वेतन को महत्व दे तथा अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करे।
प्रस्तावित कानून के तहत H-1B वीजा की अधिकतम अवधि छह साल से घटाकर दो साल करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा मौजूदा लॉटरी प्रणाली को समाप्त कर अधिक वेतन वाली नौकरियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
विधेयक में यह भी प्रावधान है कि H-1B आवेदकों को यह साबित करना होगा कि उनका स्थायी निवास अमेरिका के बाहर है और वे उसे छोड़ने की मंशा नहीं रखते। साथ ही ग्रीन कार्ड प्रक्रिया लंबित रहने के दौरान वीजा विस्तार की मौजूदा सुविधा भी समाप्त की जा सकती है।
एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह कानून अमेरिकी कर्मचारियों और आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा करेगा। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन कानूनी आव्रजन कार्यक्रमों को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।