पंजाब में कौमी इंसाफ मोर्च की और से बंदी सिक्खों की रिहाई को लेकर बंद सफल रहा
हाईवे पर आवागमन प्रभावित, बसें बंद, बाजार बंद, स्कूल कॉलेजों में छुट्टी
पंजाब में कई जगहों पर छुटपुट झड़पे, कैमिस्ट व क्लिनिक खुले रहे
जालन्धर/अमृतसर/लुधियाना/पटियाला - बी बी आई टी डेस्क
पंजाब में बंदी सिक्खों की रिहाई को लेकर कौमी इंसाफ मोर्च का बंद सफल रहा ,जिसे पंजाब की जनता ने भरपूर समर्थन दिया। बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने आज पंजाब बंद का आह्वान किया है। सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद का असर जालंधर, अमृतसर और कई अन्य जिलों में देखने को मिल रहा है। जालंधर के गुरु नानक मिशन चौक पर धरने के कारण ट्रैफिक प्रभावित हुआ, जबकि जरूरी सेवाओं को बंद से छूट दी गई है। जबकि कैमिस्ट, क्लिनिक व लैब पूर्णतया खुले रहे।
पंजाब में कई जगह बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और निजी शिक्षण संस्थान बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। बंद को लेकर पुलिस प्रशासन ने विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। लोगों से अपील की गई है कि घर से निकलने से पहले अपने क्षेत्र में बाजार, सड़क और यातायात की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। हाईवे पर कई जगह सिक्ख समुदाय द्वारा रास्त जाम किया गया था ,कई जगह झड़प व घटनाए भी होने की खबर है,परन्तु कौमी इंसाफ मोर्च का बंद शांतिपूर्ण रहा। जबकि पुलिस प्रशासन द्वारा भी पुख्त इंतजाम किए गए थे।
जालंधर में पंजाब बंद का असर देखने को मिला। गुरु नानक मिशन चौक पर कौमी इंसाफ मोर्चा से जुड़े सदस्यों ने धरना लगाया, जिसके कारण यहां यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों ने बंदी सिंहों की रिहाई और अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी की। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे जरूरी होने पर ही प्रभावित मार्गों से गुजरें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग करता रहा है। संगठन की ओर से जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को चंडीगढ़ में हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई जा रही है।
बताया गया है कि 15 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद कौमी इंसाफ मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया।
पंजाब बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित कुछ अन्य सिख संगठनों का समर्थन भी मिला है। संगठनों की ओर से बंद को सफल बनाने की अपील की गई है। पंजाब के सभी शहरी में बंद का असर स्पष्ट दिखाई दिया।