सीबीआई की रेलवे पुल कारखाना जालन्धर छावनी में रेड
वरिष्ठ अनुभाग अभियंता मिलिंद कुमार 66 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
ठेकेदार हेमंत बांसल की सीबीआई में शिकायत पर हूई कारवाई
जालन्धर - एस एन एन
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) चण्डीगढ़ द्वारा जालंधर छावनी स्थित रेलवे पुल कारखाना (रेलवे ब्रिज वर्कशॉप) में रेड किये जाने की खबर है।
बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (एसएसआई) मिलिंद कुमार को सी बी आई ने कथित रूप से 66 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी मिलिंद कुमार पर एक ठेकेदार से पुराने और नए बिलों के भुगतान के एवज में प्रत्येक बिल पर 2 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक ठेकेदार ने सीबीआई से शिकायत की थी कि संबंधित अधिकारी द्वारा बिलों के निपटान के लिए लगातार कमीशन की मांग की जा रही है। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए सी बी आई टीम ने ट्रैप लगाया और रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया और शिकायत से जुड़े कई दस्तावेजों की जांच की और फिर अपने साथ ले गई ।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच के दौरान रिश्वतखोरी से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान उसके आवास और अन्य स्थानों पर तलाशी भी ली गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड बरामद हुए।
सीबीआई ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों के प्रति एजेंसी की जीरो टॉलरेंस नीति है तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की वैध आय की तुलना में उसकी संपत्ति अधिक पाई गई है। इस आधार पर सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति का अलग मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एजेंसी अब आरोपी की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर रेलवे प्रधान कार्यालय, नई दिल्ली के मुख्य पुल अभियंता आर पी सिंह से फोनवार्ता में उन्होने पुष्टि करते हुए बताया कि जालन्धर छावनी स्थित उत्तर रेलवे पुल कारखाना से सीनियर सेक्शन इंजीनियर मिलिंद कुमार को सी बी आई द्वारा रिश्वत मामले में ट्रैप लगा कर कुछ दस्तावेज़ों सहित पकड़कर अपने साथ ले गई है।
उन्होने कहा कि सी बी आई यदि मिलिंद कुमार पर एफ आई आर दर्ज करती है या उसके विरुद्ध चार्जशीट जारी करती है तो उस आधार पर जो भी कानूनी कार्रवाई होगी रेल प्रशासन द्वारा की जायेगी। यदि उसके साथ कोई अन्य कर्मचारी भी दोषी पाया जाता है तो उस पर भी एक्शन लिया जायेगा।
जबकि जालन्धर छावनी स्थित उत्तर रेलवे पुल कारखाना में तैनात उप मुख्य पुल अभियंता से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार उनके मोबाइल नंबर पर बात करने की कोशिश की,परन्तु उन्होने फोन ही नहीं उठाया।