Friday, 31 July 2026
सी एम ओ कार्यालय में कार्यरत वरि॰ सहायक लिपिक संजय मिश्र 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार   एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर दबोचा

सी एम ओ कार्यालय में कार्यरत वरि॰ सहायक लिपिक संजय मिश्र 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार  एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर दबोचा

सी एम ओ कार्यालय में कार्यरत वरि॰ सहायक लिपिक संजय मिश्र 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार 

एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर दबोचा

अमेठी - बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज 

अमेठी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक लिपिक को एंटी करप्शन टीम ने पचास हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।

एक सेवानिवृत्त ए एन एम की पेंशन फाइल को पास करने के एवज में इस भ्रष्ट लिपिक ने कुल 1.20 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग की थी.

रिश्वतखोर लिपिक को एंटी करप्शन की टीम ने तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है. एंटी करप्शन अयोध्या रेंज की टीम ने  पूर्वनियोजित रणनीति के तहत दोपहर सीधे सीएमओ कार्यालय में छापेमारी की थी।

वहां पहले से तैयार स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त एएनएम निर्मला तिवारी के बेटे विशाल तिवारी ने जैसे ही रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये वरिष्ठ लिपिक संजय मिश्रा को सौंपे तो टीम सक्रिय हो गई। रिश्वत के पैसे हाथ में लेते ही एंटी करप्शन के अधिकारियों ने संजय मिश्रा को रंगे हाथों धर दबोचा और केमिकल टेस्ट के जरिए उनके हाथ धुलवाए। इसके बाद टीम आरोपी लिपिक को अपने साथ लेकर आगे की कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई के लिए तुरंत वहां से रवाना हो गई।

 बताया जा रहा है कि अमेठी के मुसाफिरखाना थाने में आरोपी लिपिक को रखकर टीम द्वारा वैधानिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।रिश्वतखोरी के बड़े खेल की आशंका: इस अप्रत्याशित छापेमारी और गिरफ्तारी की खबर जैसे ही सीएमओ कार्यालय के अन्य पटल पर फैली। वैसे ही पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। 

 विभागीय सूत्रों के अनुसार पीड़ित महिला कर्मचारी से पेंशन फाइल और उनके अन्य बचे हुए देयकों के भुगतान के लिए कुल एक लाख बीस हजार रुपये मांगे गए थे। अब इस बड़ी कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस रिश्वतखोरी के खेल में केवल यह लिपिक ही शामिल था या विभाग के कुछ बड़े अधिकारी भी इसमें संलिप्त हैं। यदि इस पूरे मामले की पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच होती है, तो स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य बड़े चेहरों की भूमिका भी बेनकाब हो सकती है।

अमेठी का मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय काफी लंबे समय से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर लगातार चर्चा में बना हुआ है। यहाँ कार्यरत कर्मचारियों के एरियर भुगतान, जीपीएफ, पेंशन और मृतक आश्रितों की नई जॉइनिंग कराने के नाम पर आए दिन अवैध वसूली के गंभीर मामले सामने आते रहे हैं।  फिलहाल एंटी करप्शन टीम की इस बड़ी धड़पकड़ से पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप का माहौल बना हुआ है।  इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्तमान सीएमओ डॉ. अंशुमन सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है और आरोपी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।

Published on: 31 Jul 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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