पंजाब विधानसभा चुनाव 2027
पंजाब का राजनीतिक भविष्य और भाजपा-अकाली दल गठबंधन पर चर्चाएं तेज
नई दिल्ली/ चण्डीगढ़ - रमेश महेन्द्र
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति में भाजपा-अकाली दल गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पिछले करीब छह वर्षों से दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़े हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या 2027 के विधानसभा चुनाव में दोनों दल फिर से साथ आएंगे और क्या यह गठबंधन पंजाब की सत्ता में वापसी कर पाएगा?
गठबंधन की स्थिति में 117 विधानसभा सीटों का बंटवारा किस आधार पर होना चाहिए और मुख्यमंत्री पद पर किस पार्टी का दावा होगा, यह भी अहम सवाल रहेगा।
इसके अलावा पंजाब के हिन्दू और सिख मतदाताओं के बीच गठबंधन का क्या असर होगा? क्या भाजपा-अकाली दल का साथ हिन्दू-सिख एकता और भाईचारे को मजबूत कर सकता है, या यह दोनों पार्टियों की राजनीतिक जरूरत है?
पंजाब की जनता 2027 में किसे मौका देगी और भाजपा-अकाली दल गठबंधन कितना प्रभावी रहेगा—यह आने वाला समय बताएगा।