संपादकीय
रमेश महेन्द्रू - मुख्य संपादक
मेयर विनीत धीर को मिली नई जिम्मेदारी
जालन्धर नार्थ विधानसभा क्षेत्र के हल्का इंचार्ज नियुक्त
मेयर विनीत धीर ने आप हाईकमान का जताया आभार
जालन्धर नगर निगम के मेयर विनीत धीर को आम आदमी पार्टी नेतृत्व ने विश्वास जताते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी हाईकमान ने विनीत धीर को जालन्धर नार्थ विधानसभा क्षेत्र का हल्का इंचार्ज नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति जहां उनके लिए राजनीतिक रूप से एक बड़ा अवसर मानी जा रही है, वहीं इसे उनके सिर पर "कांटों का ताज" भी कहा जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व दिनेश ढल्ल (काली) जालन्धर नार्थ विधानसभा क्षेत्र के हल्का इंचार्ज के रूप में कार्यरत थे। दिनेश ढल्ल लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और क्षेत्रवासियों के सुख-दुख में लगातार सहभागी बनते रहे हैं। उनके प्रयासों से इलाके में अनेक विकास कार्य भी संपन्न हुए हैं।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दिनेश ढल्ल ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर जालन्धर नार्थ से चुनाव लड़ा था। हालांकि वह चुनाव जीतने में सफल नहीं हो सके, लेकिन चुनाव के बाद भी उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रहा।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि विनीत धीर को हल्का इंचार्ज बनाए जाने के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी उम्मीदवारी लगभग तय मानी जा रही है। यदि पार्टी उन्हें चुनावी मैदान में उतारती है, तो जालन्धर नार्थ में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विनीत धीर के सामने केवल भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार ही चुनौती नहीं होंगे, बल्कि दिनेश ढल्ल की क्षेत्र में मौजूद मजबूत पकड़ और सक्रियता भी एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकती है। ऐसे में यह मुकाबला त्रिकोणीय नहीं, बल्कि चतुष्कोणीय स्वरूप ले सकता है। आने वाले समय में दिनेश ढल्ल राजनिति में क्या निर्णय लेते है,यह तो आने वाला वक्त ही बता सकता है। फोनवार्ता में उन्होने कहा कि पार्टी हाईकमान ने जो भी निर्णय लिया है सही ही लिया होगा। मैं आप का एक कार्यकर्ता हूँ और पार्टी की बेहतरी के लिए मुझे जो भी आदेश होगा मैं उसका पालन करूगा ।
जालन्धर के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो नगर निगम के अधिकांश मेयर, मेयर बनने के बाद विधानसभा राजनीति में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाए हैं। हालांकि, इसका एक महत्वपूर्ण अपवाद जयकिशन सैनी रहे हैं। जयकिशन सैनी नगर निगम जालन्धर के पहले मेयर थे, जिन्होंने मेयर रहते हुए जालन्धर केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इतना ही नहीं, मेयर पद पर रहते हुए ही उन्हें पंजाब सरकार में मंत्री बनने का गौरव भी प्राप्त हुआ।
हालांकि जालन्धर नार्थ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के मजबूत प्रत्याशी बावा हैनरी ही होंगे, वह दो बार लगातार जालन्धर नार्थ से विधायक का चुनाव जीत चुके है और वह कांग्रेस के दमदार नेता अवतार हैनरी के सुपुत्र है जोकि पंजाब सरकार में केबिनेट मंत्री भी रह चुके है। बावा हैनरी समाजिक, धार्मिक व राजनीतिक तौर पर सदैव सक्रिय रहते है।
अब सभी की निगाहें विनीत धीर पर टिकी हैं कि वह इस नई जिम्मेदारी को किस प्रकार निभाते हैं और क्या वह जालन्धर के राजनीतिक इतिहास में अपनी अलग पहचान स्थापित कर पाते हैं।