झारखंड दौरे पर पहुंचे सीआरपीएफ डीजी जी पी सिंह
नक्सल अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले 209 कोबरा बटालियन जवानों को किया सम्मानित
झारखंड (रांची) - बी बी आई टी डेस्क
झारखंड दौरे पर पहुंचे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीजी जीपी सिंह ने रांची स्थित ग्रुप सेंटर में 209 कोबरा बटालियन के उन बहादुर जवानों से मुलाकात की, जिन्होंने झारखंड पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई।
डीजी जीपी सिंह ने अभियान में शामिल अधिकारियों और जवानों को सम्मानित भी किया। मिसिर बेसरा जैसे शीर्ष माओवादी नेता की गिरफ्तारी देश के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। सीआरपीएफ डीजी ने मौके पर जवानों का उत्साहवर्धन भी किया।
गौरतलब है कि देश की सुरक्षा और आंतरिक शांति बनाए रखने में कोबरा कमांडो की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार खतरे के बावजूद कोबरा जवान साहस और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।
डीजी सीआरपीएफ के द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में झारखंड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की सूची में सबसे वांछित माओवादी नेताओं में शामिल था।उसकी गिरफ्तारी को झारखंड समेत पूरे पूर्वी भारत में नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
झारखंड दौरे पर पहुंचे सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह ने जवानों को सम्मानित करने के बाद 209 कोबरा बटालियन के जवानों के साथ पारंपरिक 'बड़ाखाना'(सामूहिक भोज) में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ भोजन किया, उनसे अनौपचारिक बातचीत की और जंगल युद्ध में विशेषज्ञ कोबरा कमांडो का उत्साहवर्धन किया।
सीआरपीएफ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, डीजी जीपी सिंह का यह कार्यक्रम जवानों के मनोबल को बढ़ाने और उनके साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने की पहल का हिस्सा था. बड़ाखाना के दौरान जवानों और अधिकारियों ने एक साथ भोजन किया और आपसी भाईचारे तथा टीम भावना को और मजबूत किया।