अमृत भारत स्टेशन योजना का विकास माॅडल राउरकेला रेलवे स्टेशन
चक्रधरपुर रेल मण्डल या भ्रष्टाचार मण्डल
राउरकेला रेलवे स्टेशन का विकास कार्य सवालों के घेरे में, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर प्रश्न
राउरकेला - बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज
राउरकेला रेलवे स्टेशन पर लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शेड का निर्माण कार्य पूरा होने के महज एक महीने के भीतर ही लगभग 70 प्रतिशत तिरपाल उखड़ जाने का मामला सामने आया है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और चक्रधरपुर रेलवे मंडल के कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि जनता के टैक्स के पैसे से बना यह शेड पहली ही बारिश का पानी तक नहीं झेल पाया। स्थिति यह है कि शेड में भर रहे पानी को निकालने के लिए मजदूरों को प्रतिदिन बाल्टियां देकर लगाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
यह निर्माण कार्य भारत सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कराया गया है, लेकिन मौजूदा हालात इस योजना के क्रियान्वयन और गुणवत्ता नियंत्रण पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन किया गया होता तो इतनी जल्दी शेड क्षतिग्रस्त नहीं होता।
आरोप लगाए जा रहे हैं कि रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता के आवश्यक मापदंडों का पालन नहीं कराया और जांच केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रही। ऐसे में चक्रधरपुर रेलवे मंडल की जवाबदेही तय किए जाने की मांग उठ रही है।
राउरकेला रेलवे स्टेशन का यह विकास कार्य अब यात्रियों और रेल प्रशासन दोनों के लिए सिरदर्द बन गया है। उल्लेखनीय है कि चक्रधरपुर रेल मंडल पहले भी विभिन्न मामलों को लेकर जांच एजेंसियों की नजर में रहा है तथा समय-समय पर कथित अनियमितताओं और घोटालों के आरोप सामने आते रहे हैं।
इस पूरे मामले में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।